मध्य प्रदेश

MP: मानव तस्करी रोकने के लिए लॉन्च की गई रिसर्च स्टडी एंड ट्रेनिंग रिपोर्ट

MP: मानव तस्करी रोकने के लिए लॉन्च की गई रिसर्च स्टडी एंड ट्रेनिंग रिपोर्ट, ब्रिटिश उच्‍चायोग ने भी लिया हिस्सा

वर्चुअल मीटिंग लेते अधिकारी.

यूके सभी प्रकार के बालात श्रम (Child Labor) और मानव तस्करी के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है. इस मिशन पर भारत के साथ काम करता है

भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में मानव तस्करी (Human Trafficking) को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर हुए मंथन को लेकर तैयार हुई अंडरस्‍टेंडिंग स्‍कोपिंग रिसर्च स्टडी एंड ट्रेनिंग रिपोर्ट की ब्रिटिश उच्‍चायोग एलन जेम्‍मेल (Alan Gemmell) , प्रदेश पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी और एफएक्‍सबी की सीईओ ममता बॉरगोयरी ने वर्चुअल माध्यम से लॉन्चिंग की. इस लॉन्चिंग के अवसर पर सत्र को विशेष पुलिस महानिदेशक अरूणा मोहन राव, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक अनुराधा शंकर (Anuradha Shankar) , तेलगांना के एडीजी महेश मुरलीधर भागवत, गुजरात के एडीजी श्री अ‍निल प्रथम, हरियाणा के आईजी डॉ. हनीफ कुरैशी, ईडी अलंकिृता सिंह (आई.पी.एस.), रिर्चड बारलो, चेरिस मिलर, प्रद्युम्न बोरा ने भी संबोधित किया.

ब्रिटिश की साझेदारी में पुलिस ने ली ट्रेनिंग

मध्‍य प्रदेश पुलिस और गैर सरकारी संगठन एफएक्‍स की इंडिया सुरक्षा के साथ ब्रिटिश उच्‍चायोग ने मानव तस्‍करी और प्रशिक्षण रिपोर्ट में मौजूदा रूझानों को समझने के लिये अंडरस्‍टेंडिंग स्‍कोपिंग शोध अध्‍ययन की शुरूआत की. एलन जेम्मेल दक्षिण एशिया के लिए यूके के व्यापार आयुक्त और पश्चिमी भारत के ब्रिटिश उप उच्चायुक्त ने कहा कि मानव तस्करी से निपटना एक वैश्विक चुनौती है. यूके सरकार और उसके नए विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय के लिए प्राथमिकता है. मध्य प्रदेश सरकार और गैर सरकारी संगठन एफएक्सबी इंडिया सुरक्षा के साथ हमारी साझेदारी के माध्यम से 2500 से अधिक पुलिस अधिकारियों ने इस अवैध और अमानवीय प्रथा से निपटने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया है.

एमपी पुलिस के साथ एफएक्सबी इंडिया का समझौतायूके सभी प्रकार के बालात श्रम और मानव तस्करी के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है. इस मिशन पर भारत के साथ काम करता है. 2019-20 में ब्रिटिश उच्चायोग (बीएचसी) ने मानव तस्करी से प्रभावी रूप से निपटने हेतु कानून प्रवर्तन एजेंसियों की क्षमता को मजबूत करने के लिए एनजीओ एफएक्सबी इंडिया सुरक्षा द्वारा संचालित एक परियोजना को वित्त घोषित किया. इसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस के साथ एफएक्सबी इंडिया सुरक्षा द्वारा एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. परियोजना का उद्देश्य मध्य प्रदेश में मानव तस्करी से निपटने के लिए सक्रिय और कुशल राज्य कानून प्रवर्तन प्रतिक्रियाओं और हस्तक्षेपों को सक्षम करना था. परिणाम स्वरूप 1900 पुलिस अधिकारियों को पूर्व में और करीब सात सौ अधिकारियों को वर्चुअल माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया. इस विषय पर स्थानीय पुलिस द्वारा पेश किए गए रुझानों और चुनौतियों को समझने के लिए एक शोध अध्ययन तैयार किया.

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