मध्य प्रदेश

MP उपचुनाव: BJP प्रतिनिधिमंडल ने कमलनाथ की फिर चुनाव आयोग में की शिकायत

कांग्रेस की जमीन खिसक गई है. जनता ने परिणाम दे दिया है, इसलिए कांग्रेस बौखला गई है. (फाइल फोटो)

कांग्रेस की जमीन खिसक गई है. जनता ने परिणाम दे दिया है, इसलिए कांग्रेस बौखला गई है. (फाइल फोटो)

बीजेपी महामंत्री भगवानदास सबनानी (Bhagwandas Sabnani) का कहना है कि ग्वालियर चंबल के अलावा भी दूसरी सीटों पर हमारा पूरा फोकस है.

भोपाल. बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल (BJP Delegation) ने कमलनाथ की फिर चुनाव आयोग (Election commission) में शिकायत की है. ये शिकायत स्टार प्रचारक पर बैन के बावजूद हाटपिपलिया में प्रचार प्रसार करने को लेकर की गई है. बीजेपी ने कमलनाथ (Kamal Nath) पर कार्रवाई की मांग की है. वहीं, बीजेपी ने उमंग सिंगार द्वारा सिंधिया पर दिए बयान को लेकर भी चुनाव आयोग में शिकायत (Complaint) भी की. अंतिम दौर के चुनाव प्रचार पर बीजेपी महामंत्री भगवानदास सबनानी का कहना है कि ग्वालियर चंबल के अलावा भी दूसरी सीटों पर हमारा पूरा फोकस है. कांग्रेस की जमीन खिसक गई है. जनता ने परिणाम दे दिया है, इसलिए कांग्रेस बौखला गई है.

वहीं, कुछ देर पहले खबर सामने आई थी कि निर्वाचन आयोग ने शनिवार को प्रदेश की मंत्री और भाजपा उम्मीदवार इमरती देवी (Imrati Devi) को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन (Code of Conduct Violation) करने के मामले में एक नवंबर को एक दिन के लिए राज्य में प्रचार करने से प्रतिबंधित कर दिया है. मध्य प्रदेश में तीन नवंबर को 28 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होना है जिसके लिए प्रचार एक नवंबर (रविवार) शाम को थम जाएगा. चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा, ‘‘आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 और इस संबंध में प्राप्त अन्य सभी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए इमरती देवी के मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कहीं भी एक नवंबर को एक दिन के लिए चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है.’’

मीडिया में सार्वजनिक भाषण देने से रोक लगा दी थी

दरअसल, चुनाव आोग इस बार काफी सख्त है. इमरती देवी से पहले चुनाव आयोग ने गलत भाषा’ के इस्तेमाल के मामले में मध्य प्रदेश के मंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) को राज्य में किसी भी सार्वजनिक सभा, जुलूस, रैलियों, रोड शो और साक्षात्कार, और मीडिया में सार्वजनिक भाषण देने से रोक लगा दी थी. आयोग ने उनके ऊपर भी एक दिन के लिए रोक लगाई थी. इसकी वजह से मंत्रीजी एक दिन यानी 31 अक्टूबर किसी चुनावी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए. वहीं, चुनाव आयोग ने एमपी की मंत्री उषा ठाकुर को भी नोटिस जारी कर दिया है. मालूम हो कि 20 अक्टूबर को इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री उषा ठाकुर ने कथित तौर पर ‘धर्म आधारित शिक्षा कट्टरता पन्नपा रही है’, ऐसा बयान दिया था. अब चुनाव आयोग ने नोटिस जारी कर मंत्री उषा ठाकुर से  48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है.

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