मध्य प्रदेश

भोपाल: corona की आड़ में नियुक्तियों की बौछार, प्रमुख सचिव ने दिखाई सख्ती

Puja Mathur

| News18Hindi Updated: June 2, 2020, 6:14 PM IST

भोपाल: corona की आड़ में नियुक्तियों की बौछार, प्रमुख सचिव ने दिखाई सख्ती

MP में corona की आड़ में नियुक्तियों की बौछार (फाइल फोटो)

पीएस हेल्थ के लिखे पत्र में इस बात को लेकर नाराजगी जाहिर की है कि कोरोना (Corona) को कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ की तीन महीनों के लिए अस्थाई नियुक्ति के अधिकार दिए गए थे लेकिन मेडिकल कॉलेजों में इनके अलावा भी दूसरे कर्मचारियों की नियुक्तियां की जा रहीं हैं.

भोपाल. मध्य प्रदेश में जैसे-जैसे कोरोना (Corona) ने अपने पैर पसारने शुरू किए वैसे-वैसे स्वास्थ्य विभाग (Health Department) ने भी कोरोना से लड़ने अपने योद्दाओं का हौसला बढ़ाने के लिए उन्हें कई अधिकार देने की शुरूआत की. विभाग का ध्यान इस ओर रहा की महामारी के दौर में मरीजों की व्यवस्थाओं और सुविधाओं में कहीं कोई कसर ना रह जाए. कोई भी लापरवाही किसी की जान पर ना आ पाए. इसके लिए जहां कहीं भी विभाग को स्टाफ की कमी महसूस हुई, वहां जिम्मेदारों को स्टाफ की नियुक्ति के अधिकार भी दे दिए गए. लेकिन विभाग के दिए इन अधिकारों को कई लोगों ने गलत तरीके से इस्तेमाल किया और कोरोना की आड़ में नियुक्तियों का खेल भरपूर्ण हुआ.

मेडिकल कॉलेजों के डीन को प्रमुख सचिव ने लिखा पत्र


अचानक आई कोरोना महामारी के कारण पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है. बीते महीनों जब प्रदेश में कोरोना के मरीज बढ़ने लगे तो अस्पतालों के साथ ही मेडिकल कॉलेजों ने भी मौके पर दिए अधिकारों का अपनी सहूलियत अनुसार उपयोग किया. अस्पतालों के साथ ही मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर और पैरामेडिकल, नर्सिंग स्टाफ की कमी को देखते हुए तीन महीनों के लिए स्टाफ की नियुक्ति के स्वास्थ्य विभाग ने आदेश दे दिए थे. इसमें जिलों में सीएमएचओ के साथ ही मेडिकल कॉलेजों में भी नियुक्तियां करना शुरू कर दिया. ये सिलसिला मार्च से जारी है. कोरोना की आड़ में मेडिकल कॉलेजों में मनमाने तरीके से बिना स्वास्थ्य विभाग के अनुमोदन कराए नियुक्तियों देनी शुरू कर दी थी. अब इस मामले में प्रमुख सचिव ने सख्ती दिखाई है. सख्ती दिखाते हुए सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन को प्रमुख सचिव ने पत्र लिखा है.

बिना अनुमोदन नियुक्त स्टाफ को नहीं दिया जाएगा वेतनपीएस हेल्थ के लिखे पत्र में इस बात को लेकर नाराजगी जाहिर की है कि कोरोना को कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ की तीन महीनों के लिए अस्थाई नियुक्ति के अधिकार दिए गए थे लेकिन मेडिकल कॉलेजों में इनके अलावा भी दूसरे कर्मचारियों की नियुक्तियां की जा रहीं हैं. एनएचएम मध्यप्रदेश में कोविड-19 मद में बजट को भारत सरकार के निर्देशानुसार इस्तेमाल करना है. इसलिए बिना अनुमोदन नियुक्त किए गए कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया जा सकता. साथ ही अधिकारी ने 3 महीनों के लिए की जा रही नियुक्तियों का अनुमोदन कराने के लिए कहा है.

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First published: June 2, 2020, 6:14 PM IST

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