मध्य प्रदेश

चुनावी रण में 14 मंत्री, जीत-हार से तय होगी शिवराज सरकार की किस्मत?

28 सीटों पर होने वाले मध्य प्रदेश उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस दोनों की साख दांव पर लगी है (प्रतीकात्मक फोटो)

28 सीटों पर होने वाले मध्य प्रदेश उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस दोनों की साख दांव पर लगी है (प्रतीकात्मक फोटो)

भोपाल. मध्य प्रदेश उपचुनाव (MP Assembly By Election 2020) के रण में जीत का परचम लहराने के लिए दोनों ही पार्टियां- बीजेपी और कांग्रेस (BJP-Congress) जी-तोड़ मेहनत कर रही हैं, अगले महीने होने वाले उपचुनाव में बीजेपी सरकार से चौदह मंत्री मैदान में हैं. कांग्रेस से बीजेपी में आए यह चौदह मंत्री उपचुनावों में अपनी किस्मत आजमा रहे है. इसी साल मार्च में बीजेपी का दामन थामने वाले चौदह मंत्रियों को शिवराज मंत्रिमंडल (Shivraj Singh Cabinet) में शामिल किया गया था. इन चौदह लोगों- सुरखी से गोविंद सिंह राजपूत, बदनावर से राजवर्धन सिंह, सुवासरा से हरदीप सिंह डंग, दिमनी से गिरराज सिंह दंडोतिया, ग्वालियर से प्रद्युम्न सिंह तोमर, डबरा से इमरती देवी, बमोरी से महेंद्र सिंह सिसोदिया, अनूपपुर से बिसाहूलाल सिंह, सांची से प्रभु राम चौधरी, सांवेर से तुलसीराम सिलावट, सुमावली से एंदल सिंह कंसाना, मेहगांव से ओपीएस भदौरिया, मुंगावली से बृजेंद्र सिंह यादव, पोहरी से सुरेश धाकड़ को उपचुनाव में बीजेपी ने अपना कैंडिडेट बनाया है.

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने 25 मंत्रियों पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी मैदान में उतारा था. मगर इनमें से तेरह को हार का सामना करना पड़ा था. केवल बारह मंत्री ही चुनाव जीत सके थे. हारने वालों बीजेपी सरकार में वित्त मंत्री रहे जयंत मलैया, ओम प्रकाश धुर्वे, रुस्तम सिंह, अर्चना चिटनिस, उमाशंकर गुप्ता, अंतर सिंह आर्य, जय भान सिंह पवैया, नारायण सिंह कुशवाहा, दीपक जोशी, लाल सिंह आर्य, शरद जैन, ललिता यादव, बालकृष्ण पाटीदार के नाम शामिल हैं.

वहीं वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी सरकार के 10 मंत्रियों को हार का मुंह देखना पड़ा था. इनमें अजय विश्नोई, लक्ष्मीकांत शर्मा, रामकृष्ण कुसमरिया, करण सिंह वर्मा, अनूप मिश्रा, जगन्नाथ सिंह, कन्हैयालाल अग्रवाल, हरिशंकर खटीक, बृजेंद्र प्रताप सिंह और दशरथ लोधी हार के चलते विधानसभा की दहलीज नहीं पहुंच सके थे.

बता दें कि जिन 28 सीटों पर उपचुनाव होना है उनमें से 16 सीटें अकेले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में आती हैं. यहां कांग्रेस से बीजेपी में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया का खासा प्रभाव है.

मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिए तीन नवंबर को वोटिंग होगी और 10 नवंबर को चुनाव के नतीजे आएंगे. इसी दिन बिहार विधानसभा चुनाव का भी रिजल्ट घोषित होगा.

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