भोपाल

उपचुनाव के रण में बसपा: त्रिकोणीय होगा मुकाबला, जानिए BSP की एंट्री से किस पार्टी का बिगड़ सकता है समीकरण

ग्वालियर-चंबल अंचल में बसपा का वोट बैंक है। क्षेत्र में अपनी ताकत को आंकने के लिए पार्टी दो बार सर्वे भी करवा चुकी है।

उपचुनाव के रण में बसपा: त्रिकोणीय होगा मुकाबला, जानिए BSP की एंट्री से किस पार्टी का बिगड़ सकता है समीकरण

उपचुनाव के रण में बसपा: त्रिकोणीय होगा मुकाबला, जानिए BSP की एंट्री से किस पार्टी का बिगड़ सकता है समीकरण

भोपाल. मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा-कांग्रेस तैयारियां तैयारियों में लगी हुई हैं। वहीं, बसपा के चुनावी मैदान में आने से मध्यप्रदेश में विधानसभा के उपचुनाव का मुकाबला अब त्रिकोणीय हो गया है। बसपा प्रदेश की 28 सीटों पर उपचुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। बसपा ने उपचुनाव के लिए अपने आठ उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। दरअसल, ग्वालियर-चंबल में बसपा का प्रभाव है।

ग्वालियर-चंबल में बसपा का वोट बैंक

ग्वालियर-चंबल अंचल में बसपा का वोट बैंक है। क्षेत्र में अपनी ताकत को आंकने के लिए पार्टी दो बार सर्वे भी करवा चुकी है। बसपा प्रदेश अध्यक्ष रमेश पिप्पल का कहना है कि पार्टी प्रदेश की सभी 27 सीटों पर उपचुनाव लड़ेगी। बसपा की भूमिका मध्यप्रदेश में कांग्रेस की वोट में सेंध लगाने वाली हो सकती है। बसपा ने जिन सीटों पर उम्मीदवारों का एलान किया है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा उन क्षेत्रों में दूसरे स्थान पर थी। वहीं, अब कांग्रेस के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया भी नहीं हैं ऐसे में बसपा के चुनाव लड़ने से भाजपा को फायदा हो सकता है।

कहा-कहां घोषित किए उम्मीदवार

पूर्व विधायक सोनेराम कुशवाह को मुरैना जिले की जौरा सीट (सामान्य) से टिकट दिया गया है।

रामप्रकाश राजौरिया को मुरैना (सामान्य) सीट का टिकट दिया गया है।

भानुप्रताप सिंह सखवार को मुरैना जिले की अम्बाह (अनुसूचित जाति) सीट से टिकट दिया गया है।

योगेश मेघसिंह नरवरिया को भिंड जिले की मेहगांव (सामान्य) सीट का टिकट दिया गया है।

जसवंत पटवारी को भिंड जिले की गौहद (अनुसूचित जाति) सीट से टिकट दिया गया है।

संतोष गौड़ को ग्वालियर जिले की डबरा (अनुसूचित जाति) सीट पर टिकट दिया गया है।

कैलाश कुशवाह को शिवपुरी जिले की पोहरी (सामान्य) सीट से टिकट दिया गया है।

राजेद्र जाटव को शिवपुरी की करैरा (अनुसूचित जाति) सीट से मैदान में उतारा है।

क्या समीकरण

उपचुनाव की 27 में 16 सीटें ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की हैं, जहां सामाजिक-राजनीतिक कारणों से बसपा की जमीन अधिकतर अन्य अंचलों के मुकाबले मजबूत है। इस पृष्ठभूमि में बसपा द्वारा सभी सीटों पर चुनाव मैदान में उतरने के निश्चय से न सिर्फ राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई हैं, बल्कि उसके इस पैंतरे की मंशा पर भी अटकलबाजी शुरू हो गई है।

समाजवादी पार्टी भी तैयार

वहीं, दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। समाजवादी पार्टी ने क्षेत्र के हिसाब से प्रभारी नियुक्त कर दिया है। बता दें कि इस समय समाजवादी पार्टी का एक विधायक मध्यप्रदेश में हैं।

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