वॉशिंगटन 
रूस से डिफेंस सिस्टम और ईरान से तेल खरीद पर अमेरिका ने भारत को तीखे तेवर दिखाए हैं। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत द्वारा 4 नवंबर के बाद ईरान से तेल खरीदने और रूस से एस-400 डिफेंस सिस्टम खरीदना किसी भी तरह 'मददगार' नहीं होगा और अमेरिका 'बेहद सावधानीपूर्वक' इसकी समीक्षा कर रहा है।  
 
अमेरिका ईरान से तेल का निर्यात पूरी तरह से रोकना चाहता है। अमेरिका ने 2015 में शुरु हुए बहुपक्षीय समझौते से बाहर आने के फैसले के साथ ईरान से तेल खरीद पर प्रतिबंध लगाया था। अमेरिका ने सभी सहयोगियों को 4 नवंबर तक ईरान से तेल की खरीद पूरी तरह बंद करने को कहा था। जब अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीदर नुअर्ट से पूछा गया कि रिपोर्ट हैं कि भारत 4 नवंबर के बाद भी ईरान से तेल की खरीद जारी रखेगा, तो नुअर्ट ने कहा कि यह 'मददगार' साबित नहीं होगा। 

 
नुअर्ट ने कहा, 'हमने उन देशों को अपनी नीति के बारे में बेहद स्पष्ट शब्दों में समझा दिया है। हम ईराक की सरकार के साथ इस मुद्दे पर बात शुरू की है। ट्रंप प्रशासन ने यही संदेश सभी देशों को दिया है। राष्ट्रपति ने कहा है कि अमेरिका सभी प्रतिबंधों को लागू करने को लेकर प्रतिबद्ध है।' 
 

बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का बयान ऐसे समय पर आया है जब इससे पहले रूसी राजदूत ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि निकट भविष्य में भारत के साथ होने वाले किसी भी रक्षा करार में CAATSA आड़े नहीं आएगा। उन्होंने एक 'स्वतंत्र' देश के तौर पर भारत के काम करने की तारीफ की। उन्होंने आगे कहा कि रूस भी भारत के साथ सैन्य संबंधों और सहयोग को मजबूत करने के लिए COMCASA की तरह का समझौता करना चाहता है। बता दें कि COMCASA पर हाल ही में अमेरिका और भारत ने 2+2 वार्ता के दौरान दस्तखत किए थे। COMCASA यानी कम्युनिकेशंस कॉम्पैटिबिलिटी ऐंड सिक्यॉरिटी अग्रीमेंट उन चार मूलभूत समझौतों में से एक है जो अमेरिका अपने सहयोगी और करीबी पार्टनर देशों के साथ करता है, जिससे सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ सके। 
 

Source : Agency