देश भर में इन दिनों #MeToo की लहर काफी तेज हो चुकी है और नाना पाटेकर, आलोक नाथ, कैलाश खेर, सुभाष घई, साजिद खान जैसे कई बड़े सिलेब्रिटीज़ पर सेक्शुअल हैरसमेंट के आरोप लगाए गए हैं। इनमें से ज्यादातर महिलाओं के साथ ये घटनाएं काफी पहले घट चुकी हैं और इन्हें ऐसे लोगों के खिलाफ बोलने में काफी वक्त लग गया। इस मुद्दे पर टीवी ैक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने काफी कुछ खुलकर कहा है।

'बिग बॉस 11' की विनर और ऐक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है, जो पिछले साल 'भाबी जी घर पर हैं' के प्रड्यूसर संजय कोहली पर सेक्शुअल हैरसमेंट का आरोप लगा चुकी हैं। उनका कहना है कि ये बातें उसी वक्त उठानी चाहिए, जब घटना घटी है और घटना घटने के इतने सालों बाद इस बारे में बोलकर कोई फायदा नहीं। शिल्पा ने हमारी सहयोगी साइट ZoomTV.com से हुई बातचीत में कहा है, 'यह बकवास है। साधारण सी बात है कि आपको उसी समय यह मुद्दा उठाना चाहिए था। जब यह घटना घटी आपको तभी इस बारे में कहना चाहिए। यहां तक कि मैंने भी सबक सीखा है। जब होता है, तभी बोलो...बाद में बोलने से कोई फायदा नहीं, फिर सब बेकार है।'


उन्होंने कह, 'बाद में आप आवाज उठाते हो, उसको कोई नहीं सुनेगा...सिर्फ कॉन्ट्रोवर्सी होगी, इसके अलावा कुछ नहीं। आपको उसे समय कदम उठाना होगा जब यह सब हुआ हो, आपमें हिम्मत होनी चाहिए।'

शो के प्रड्यूसर पर लगाए उनके सेक्शुअल हैरसमेंट के आरोप के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि यह मामल अब खत्म हो चुका है और वह इस बारे में बातें करना भी नहीं चाहतीं। उन्होंने यह भी कहा कि उस वक्त उनकी मदद के लिए और उनके सपॉर्ट में कोई भी आगे नहीं आया। शिल्पा ने कहा, 'मुझे नहीं पता क्यों, जबकि हम जानते हैं कि इंडस्ट्री में लड़कियों का क्या हाल है। वे दूसरे शहरों से काम करने के लिए आती हैं। मैंने कई लड़कियों को देखा है कि वे छोटे कपड़े पहनती हैं और मीटिंग वगैरह के लिए आती हैं। उन्हें नहीं पता होता कि उन्हें आगे खुद को कैसे साबित करना है। मेरे वक्त तो किसी ने कोई आवाज़ नहीं उठाई, कुछ नहीं बोला। मेरा मैटर बंद हो चुका है, सबकुछ बंद हो चुका है। मुझे पता नहीं कि हम अब उस टॉपिक को डिस्कस ही क्यों कर रहे हैं।'


उन्होंने आगे कहा, 'मैंने उस वक्त कहा था कि वे लोग मुझै हैरस कर रहे हैं और अब तो यह मुद्दा ही खत्म हो चुका है। गड़े हुए मुर्दे उखाड़ने मे कोई फायदा नहीं है।' उन्होंने कहा, 'मैंने सुना है कि कुछ एनजीओ या ऑर्गैनाइजेशन होते हैं जो ये करते हैं। मैंने हैरसमेंट झेला है, मुझे इस वजह से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, लेकिन मेरे लिए तब कोई नहीं था। कोई किसी के लिए होता नहीं है। लेकिन, अब चीजें कुछ बदल गई हैं। 100% कोई बड़ी पावर है जो ये सब कर रहा है। मुझे यकीन नहीं होता।'

Source : Agency