नई दिल्ली
गृह मंत्रालय को वर्ष 2019 के पद्म पुरस्कारों के लिए करीब 50,000 सिफारिशें प्राप्त हुई हैं। ये पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट एवं असाधारण उपलब्धियों के लिए दिए जाते हैं। गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि पद्म पुरस्कारों के लिए प्राप्त 49,992 सिफारिशें 2010 में प्राप्त सिफारिशों से 32 गुणा अधिक है। 2010 में आम जनता से मात्र 1313 सिफारिशें प्राप्त हुई थीं। 2017 में कुल 35,595 सिफारिशें और 2016 में 18,768 सिफारिशें प्राप्त हुई थीं। 2018 में 84 असाधारण व्यक्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था, वहीं 2017 में कुल 89 विशिष्ट लोगों को पुरस्कार दिए गए थे। पद्म विभूषण असाधारण और उत्कृष्ट सेवा, पद्म भूषण उच्च स्तर की उत्कृष्ट सेवा और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।

यह पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण एवं उत्कृष्ट उपलब्धियों एवं सेवाओं के लिए दिए जाते हैं। इनमें कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, औषधि, सामाजिक कार्य, विज्ञान, अभियंत्रिकी, सार्वजनिक मामलों, नागरिक सेवा, व्यापार और उद्योग आदि शामिल हैं। कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी वर्ग, पेशे या लिंग का हो वह इन पुरस्कारों के लिए पात्र है। इन पुरस्कारों की शुरूआत 1954 में हुई थी और इसकी घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस पर की जाती है।  सरकार ने पद्म पुरस्कारों को सही मायने में ‘जन पुरस्कार’ के रूप में बदल दिया है। लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे उन गुमनाम नायकों की सिफारिश करें जो इन शीर्ष नागरिक पुरस्कारों के असली हकदार हैं।

वर्ष 2016 में पद्म पुरस्कारों के सिफारिश प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया था। इसके लिए नागरिकों को अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए एक सरल, सुगम और सुरक्षित ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया गया। पद्म पुरस्कारों की ऑनलाइन सिफारिश प्रक्रिया एक मई , 2018 को शुरू हुई और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2018 थी। पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस, 2019 के अवसर पर की जाएगी। व्यापक विचार करने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, भारत रत्न और पद्म विभूषण पुरस्कार विजेताओं, उत्कृष्ट संस्थाओं के साथ ही अन्य स्रोतों से सिफारिश आमंत्रित की गईं। सभी नागरिक सिफारिश कर सकते हैं जिसमें स्वयं की सिफारिश भी शामिल है।

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