नई दिल्ली 
मम्मी पापा और छोटी बहन का बेरहमी से मर्डर कर चुका सूरज (19) गुरुवार को सलाखों के पीछे चला गया। गुरुवार को कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने सूरज को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस अफसरों ने बताया कि केस पूरी तरह ओपन था। कातिल ने गुनाह कबूल कर लिया, हत्या से जुड़े सभी सबूत भी रिकवर हो गए। वारदात में इस्तेमाल चाकू और कैंची बरामद हो गई थी। लिहाजा रिमांड पर लेने की जरूरत नहीं थी। वारदात का मकसद साफ हो गया था। फरेंसिक सबूत भी मिल चुके थे, जिनके आधार बनाकर कोर्ट में दोष साबित करना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा। 
 
हालांकि गुरुवार को जेल जाते वक्त सूरज को रह-रहकर अपने किए पर पछतावा हो रहा था। वहीं, पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराने के बाद तीनों शव परिजनों के हवाले कर दिए। पुलिस ने जब इस बारे में पूछताछ की तो आरोपी ने बताया कि कि वह केवल पिता और मां की हत्या करना चाहता था, लेकिन मां की हत्या के दौरान नेहा उन्हें बचाने आ गई। नेहा की हत्या के लिए आरोपी ने उसे दो बार चाकू मारे। पहली बार जब उसने नेहा पर वार किया तो नेहा काफी देर तक तड़पती रही। उसे तड़पता देख सूरज ने उस पर दोबारा वार किया और जब उसकी मौत हो गई तो शव के पास काफी देर तक रोता रहा। आरोपी अकेला ही वारदात का मास्टरमाइंड है। वह बीते कुछ दिनों से क्राइम पेट्रोल के एपिसोड को बेहद ध्यान से देख रहा था। 

उसने मोबाइल में यूट्यूब, गूगल पर ऐसे तरीके खोजे, जिसमें आसानी से मौत की नींद सुलाया जा सके। यहीं से सीखा कि वारदात के बाद पुलिस मोबाइल से सुराग लगाती है। सूरज ने मोबाइल की तमाम सेटिंग बदलने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट की मदद से मोबाइल का बैकअप रिकवर कर लिया। सूरज ने करीबी फ्रेंड्स का वॉट्सऐप ग्रुप बनाया हुआ था। वहां पर्सनल बातें शेयर करता था, सलाह भी लेता था। बेटे के फ्रेंड सर्किल का पैरंट्स विरोध करते थे। सूरज माता-पिता को छोड़ने के लिए तैयार था लेकिन फ्रेंड्स को नहीं। अब पुलिस इस ग्रुप में शामिल सभी लड़के और लड़कियों का बयान दर्ज करेगी। पुलिस ने सूरज के कुछ दोस्तों से संपर्क साधा है। ये वही दोस्तों का ग्रुप है जिनके साथ कमरा किराए पर लिया था। कमरे में बीयर की खाली बोतल और हुक्का मिला है।
 

Source : Agency