उज्जैन
मध्‍यप्रदेश विधानसभा चुनाव की आचार संहिता का असर अब बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल मंदिर की व्यस्थाओं पर भी पड़ा है. आचार संहिता के चलते उज्जैन कलेक्टर के आदेश के बाद नेताओं और उनके कार्यकर्ताओं को मिलने भस्म आरती की वीआईपी परमिशन नहीं मिलेगी.

उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर में होने वाली भस्म आरती देखने और उसमें सम्मिलित होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं. आरती में 1800 से ज्यादा श्रद्धालु सम्मिलित नहीं हो सकते. इस कारण कई श्रद्धालु वीआईपी के प्रोटोकॉल से आते हैं. इसमें सांसद, विधायक और अन्‍य जनप्रतिनिधि के लेटरहेड के आधार पर महाकाल मंदिर प्रशासन भस्‍म आरती में शामिल होने के लिए वीआईपी परमिशन जारी करता था.

अब जब विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हुई तो उज्जैन कलेक्टर मनीष सिंह ने आदेश जारी किया है कि जब तक आचार संहिता लगी है, तब तक किसी भी जनप्रतिनिधि के लेटरहेड के आधार पर भस्म आरती की वीआईपी परमिशन नहीं दी जा सकती.

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