ग्वालियर
मध्यप्रदेश के ग्वालियर चंबल-संभाग में बुलंद होते रेत माफियाओं के हौसले को लेकर एक याचिका हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि अवैध खनन को रोकने के प्रयास में 2012 से 2018 के बीच में जितनी भी मौतें हुई हैं, उनकी जांच सीबीआई से कराई जाए, क्योंकि ग्वालियर-चंबल संभाग में पुलिस अवैध उत्खनन रोकने में नाकामयाब सबित हो रही है.

अपनी याचिका में एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया ने कहा है कि खनन माफियाओं का रैकेट राजनेताओं और पुलिस के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर चंबल में अवैध उत्खनन कर रहा है, जिसे रोकने के दौरान पुलिस के आधिकारियों और फॉरेस्ट के निचले अमले की हत्याएं तक की जा रही है. अवैध खनन के मामले में मध्‍यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी सख्त रवैया दिखाया है और नाराजगी भी जताई है.

इस याचिका को लेकर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव गृह, ग्वालियर कमिश्नर, आईजी ग्वालियर और चंबल संभाग को नोटिस जारी किया है. साथ ही दो सप्ताह में इस मामले में जवाब मांगा है. कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों से पूछा है कि इस मामले की जांच क्यों न सीबीआई के सुपुर्द की जाए.

इसके साथ ही याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की है कि अवैध माइनिंग को रोकने के लिए ऊंचे- ऊंचे टॉवर बनाना चाहिए, जिनसे निगरानी की जा सके. साथ ही उन स्थानों पर ऐसे यंत्र लगाना चाहिए, जिनसे अवैध उत्खनन करने वाले वाहनों को पंचर किया जा सके. फिलहाल इस मामले में अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी, जिसमें शासन अपना जवाब पेश करेगा.

Source : Agency