अगर आपने टैटू बनवाया और वह गलत बन गया? तो क्या आप इसे हटा सकते हैं? ऐसा संभव है लेकिन यह पूरी प्रक्रिया टैटू बनवाने की तुलना में ज्यादा पीड़ादायक है। ऐसा इसलिए कि टैटू को लेकर जबतक आप कुछ फैसला ले पाते हैं जबतक इसका रंग स्किन में काफी अंदर तक चला जाता है। पर्मांनेंट टैटू से छुटकारा पाना इतना भी आसान नहीं है।


ऐसा नहीं है कि आप टैटू को आसानी से मिटा पाएं। त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि एक बार टैटू बन गया तो इसे या तो हल्का किया जा सकता है या फिर इसपर नया टैटू बनवाया जा सकता है।

पर्मामेंट टैटू रिमूव नहीं हो सकता, बस हल्का हो सकता है
टैटू बनवाने वाले किसी भी शख्स को अक्सर यह गलतफहमी हो जाती है कि बनने के बाद इसे हटाकर पुरानी स्किन पाई जा सकती है। कॉस्मेटिक फिजिशियन डॉ रश्मी शेट्टी का कहना है कि सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि पर्मानेंट टैटू को हमेशा के लिए हटा पाना असंभव है।

इसे केवल हल्का किया जा सकता है। आप कभी वह स्किन नहीं पा सकते जो टैटू बनाने से पहले थी। टैटू हटाने पर भी छाया की तरह एक दाग रह सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर यह निशाना चला भी जाए तो स्किन का रंग बदल सकता है।

लेजर ट्रीटमेंट में छिपा है जवाब
अगर आप अपना पर्मानेंट टैटू हटाना चाहते हैं तो लेजर ट्रीटमेंट आपकी मदद कर सकता है। लेजर सर्जन डॉक्टर लक्ष्याजीत डी धामी बताते हैं कि लेजर से निकली कई वेबलेंग्थ की एनर्जी स्किन के अंदर जाकर टैटू के खास रंगों के पिगमेंट द्वारा सोख ली जाती है। यह ऊर्जा पिगमेंटेशन को नैनो पार्टिकल्स में तोड़ देती है। बाद में शरीर की प्राकृतिक फिल्टरिंग सिस्टम की मदद से यह शरीर से बाहर निकल जाती है।

टैटू कैसा है, इससे भी पड़ता है फर्क
आपका टैटू कैसा है? क्या यह मल्टिकलर है, मोनोक्रोम है या केवल काली स्याही से बना है। आपके टैटू का प्रकार ही यह तय करेगा कि आपको किस स्तर के लेजर ट्रीटमेंट की जरूरत है। इसके अलावा टैटू का साइज भी मैटर करता है।

रंगीन टैटू से निपटना कठिन
अगर आपका टैटू रंगीन है तो समस्या बड़ी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रफेशनल तरीके से बनाए गए टैटू में हाइ क्वॉलिटी के पिगमेंट्स होते हैं और ये स्किन में काफी अंदर तक समा जाते हैं। ऐसे में लेजर ट्रीटमेंट के कई सेशंस की जरूरत पड़ सकती है। लेजर ट्रीटमेंट के लिए एक्सपर्ट या प्रतिष्ठिति जगह का सहारा लेना ही बेहतर है।

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