नई दिल्ली 
नागपुर स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डी.आर.डी.ओ.) की ब्रह्मोस यूनिट में कार्यरत निशांत अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद एंटी टैरर स्क्वॉयड द्वारा 2 और वैज्ञानिकों से पूछताछ की गई जिसमें यह खुलासा हुआ है कि काजल नाम से फेसबुक पर एक्टिव आई.एस.आई. की महिला एजैंट ने इनके जरिए देश की रक्षा संस्थानों में सेंध लगाई है। वह फेसबुक पर 15 से 20 प्रोफाइल पर अलग-अलग नाम से सक्रिय है। जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि निशांत अग्रवाल जो कि एक इंजीनियर है, पाकिस्तान के आई.पी. एड्रैस से संचालित होने वाली फेसबुक आई.डी. से चैटिंग से माध्यम से संपर्क में था।

निशांत पर आरोप है कि उसने ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़ी टैक्नीकल जानकारी अमरीकी और पाकिस्तानी एजैंसी के साथ सांझा की है। उधर, नागपुर सैशन्स कोर्ट ने निशांत को 3 दिन के ट्रांजिट रिमांड पर भेजा है। इसके अलावा निशांत नेहा शर्मा और पूजा रंजन नाम से चल रहे दो फर्जी अकाउंट के जरिए भी पाकिस्तान के संदिग्ध खुफिया सदस्यों से संपर्क में था। वहीं बताया जा रहा है कि निशांत अपने काम को लेकर भी काफी लापरवाह था जिस कारण वो आसानी से पाकिस्तानी जासूसी एंजेसियों के जाल में फंस गया।

निशांत की हरकत से पिता भी हैरान
निशांत के पिता प्रदीप अग्रवाल ने इस पूरे मामले पर कहा कि उन्हें अभी तक यकीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा ऐसा कुछ कर सकता है। बस उन्होंने इतना कहा कि भारतीय एजेंसियां कार्रवाई में जुटी है, तभी पता चलेगा। वहीं एटीएस के अधिकारी निशांत के घर और दफ्तर से बरामद डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटे हुए हैं। निशांत के पर्सनल कम्प्यूटर वो सारी जानकारियां मौजूद थीं जोकि नहीं होनी चाहिएं और अगर इसे किसी के साथ साझा किया जाए तो देश के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

Source : Agency