मुंबई
डी-कंपनी के मुन्ना झिंगाड़ा के भारत प्रत्यर्पण की कानूनी लड़ाई की कोशिशों के बीच सीबीआई दाऊद गैंग के एक और सदस्य सैम को इंडिया लाने की तैयारी कर रही है। मुंबई पुलिस के एक टॉप रैंक के अधिकारी ने एनबीटी से इस खबर की पुष्टि की। इस अधिकारी के अनुसार, सैम का नाम महाराष्ट्र एटीएस के उस केस में सामने आया था, जिसमें कुछ महीने पहले जोगेश्वरी से मिर्जा फैजल खान और गांधी धाम से अल्लारखा अबू बकर मंसूरी पकड़ा गया था।

सैम इसके अलावा यूपी एएटीएस के केस में भी वॉन्टेड है। इन दो केसों में सैम के साथ फारुख देवाड़ीवाला भी शामिल है। दोनों को कुछ महीने पहले दुबई में पकड़ा गया था, उसी के बाद फैजल और अल्लारखा की भारत में गिरफ्तारियां हुई थीं। बाद में पाकिस्तान ने फारूख देवाड़ीवाला को अपना नागरिक बताकर दुबई पुलिस से उसे पाकिस्तान डिपोर्ट करवा दिया, लेकिन सैम को वह पाकिस्तान नहीं बुलवा पाया।

इसका कारण यह था कि भारत सरकार ने सैम का भारतीय पासपोर्ट दुबई पुलिस को सौंप दिया था। फारूख का फर्जी पाकिस्तानी पासपोर्ट बना था। पहले सैम के भी देवाड़ीवाला के साथ पाकिस्तान भाग जाने की खबरें आई थीं, पर मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने माना कि वह अभी भी दुबई की जेल में है।
 
सैम मुंबई के मोहम्मद अली रोड का मूल निवासी है और दुबई में उसका जिम है। फारूख देवाड़ीवाला ने जोगेश्वरी के मिर्जा फैजल खान को पाकिस्तान में फिदायीन ट्रेनिंग के लिए भेजा था। ट्रेनिंग के बाद मिर्जा जब दुबई लौटा, तो फारूख देवाड़ीवाला के घर ही रहा था। वहां ही उसकी सैम से मुलाकात हुई थी। बाद में मिर्जा ने सैम के जिम में कई दिन नौकरी की।

जांच अधिकारियों का दावा है कि मिर्जा ने सैम से जुड़े कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं, जिससे पता चलता है कि सैम भारत में फिदायीन हमलों की साजिश के लिए बनाई गई दाऊद और आईएसआई की टीम का फारूख देवाड़ीवाला की तरह की प्रमुख सदस्य था।

Source : Agency