सुकमा

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सल हिंसा के खिलाफ इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाई का मामला सुप्रीम कोर्ट दिल्ली पहुंच गया है. सुकमा में छह अगस्त को हुई मुठभेड़ को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है. याचिका पर पहली सुनवाई 13 अगस्त को होगी. अब सबकी निगाहें 13 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं. सिविल लिबर्टी कमेटी के नारायण राव ने मामले में याचिका दायर की है. मामले की पहली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के चीप जस्टिस की बैंच करेगी.

बता दें बीते 6 अगस्त को सुकमा में आॅपरेशन मानसून के तहत सुरक्षा बल के जवानों ने मुठभेड़ में 15 नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया. गोलापल्ली और कोंटा थाना क्षेत्र के बीच हुई इस मुठभेड़ में सुरक्षा बल के जवानों ने 15 नक्सलियों के शव के साथ हथियार और अन्य नक्सल समाग्री बरामद करने का दावा भी किया. इसके साथ ही दो नक्सलियों की गिरफ्तारी भी करने की बात कही गई. इस कार्रवाई को नक्सल हिंसा के खिलाफ इस साल की सबसे बड़ी कामयाबी बताया गया.

इस मुठभेड़ को आप नेत्री सोनी सोरी और कांग्रेस के आदिवासी नेता अरविंद नेताम फर्जी बता चुके हैं. इसके बाद अब नारायणर राव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. हालांकि प्रदेश के मुखिया डॉ. रमन सिंह का कहना है कि नक्सल हिंसा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. कांग्रेस हर मुठभेड़ को फर्जी बता देती है. सुरक्षा बल के जवान अंदरूनी इलाकों में कामयाबी ​हासिल कर रहे हैं.

Source : Agency