पटना
भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने बिहार में गठबंधन को लेकर दिए गए बड़े बयान से पलट गये हैं. अशोक गहलोत ने राजद पर दिए खुद के बयान पर सफाई दी. उन्होंने कहा, 'मेरी कहने की भावना अलग थी. राजद और कांग्रेस हमेशा साथ खड़ी रहेगी. लालू जी के साथ को कांग्रेस कभी भूल नहीं सकती है. मैंने जो कहा था उसका मतलब मजबूरी के साथ नहीं था. मेरी भावना कांग्रेस को मजबूत करने की थी. कांग्रेस राज्य में मजबूत होना चाहती है. इससे लालू जी को भी इनकार नहीं होगा.'

इससे पहले पटना पहुंचे गहलोत ने कहा था कि सबको पता है कि गठबंधन क्यों होता है. आज कांग्रेस कमजोर है इसलिए ऐसी स्थिति है. कांग्रेस की आज मज़बूरी है कि उसे राजद या जदयू के साथ बात करनी पड़ रही है. गहलोत ने कहा कि राजद से हमारा गठबंधन है और हमेशा ही रहेगा.

उन्होंने बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि जदयू को एक दिन पछतावा होगा. उन्होंने कहा कि सबको पता है कि नीतीश कुमार भाजपा के साथ सहज नहीं हैं. गठबंधन तोड़कर नीतीश कुमार ने बड़ा ब्लन्डर किया है. आज वह सांप्रदायिक ताकतों के साथ खड़े हैं. गहलोत ने कार्यकर्ताओं से कहा कि कांग्रेस को अकेले सरकार में लाने की कोशिश होनी चाहिए. कांग्रेस में कई नेताओं की उम्र ज्यादा हो गई है ऐसे में समय रहते कांग्रेस को सत्ता में लाने का संकल्प लें.

इससे पहले वो पटना स्थित लालू के आवास पर उनसे मुलाकात करने भी गये. बंद कमरे में दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई. गहलोत ने अमित शाह के पटना आगमन को लेकर भी तंज कसा और कहा कि अमित शाह के स्वागत में खर्च होने वाले पैसे को लेकर ईमानदारी का चोला पहनने वाली भाजपा के नेताओं का इसका जवाब देना चाहिए.

अशोक गहलोत ने कहा कि समय की मांग के कारण कांग्रेस को गठबंधन करना पड़ रहा है नहीं तो किसी जमाने में कांग्रेस अकेले ताकतवर पार्टी थी. उनकी बैठक के दौरान ही पार्टी की आंतरिक गुटबाजी सामने आयी. कई मौके ऐसे आये जब पार्टी के वरीय पदाधिकारियों के सामने ही स्थानीय नेताओं से लेकर सांसद तक का असंतोष सामने आया.

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