नई दिल्ली 
राजधानी दिल्ली समेत पूरे एनसीआर को इस समय बारिश का इंतजार है। पिछले दो दिनों से मॉनसूनी बादलों ने शहर को घेर रखा है, लेकिन बदरा मानों लोगों को ललचा रहे हैं। लोग बारिश का इंतजार ही कर रहे हैं। एक्सपर्ट के अनुसार सामान्य स्थिति के बावजूद बारिश नहीं हो रही है। इसकी वजह ग्लोबल वार्मिग भी हो सकती है। मॉनसून को लेकर पूर्वानुमान में मौसम विभाग अब तक फेल साबित हुआ है। 

दिल्ली में मॉनसून ने सामान्य से एक दिन पहले 27 जून को दस्तक दी थी। शुरुआत सामान्य रही, लेकिन कुछ ही दिनों में मॉनसून कमजोर पड़ गया। जिसके बाद अब तक लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश न होने की वजह से उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। 

स्काइमेट के अनुसार मॉनसून ने उत्तर और उत्तर पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों को निराश किया है। इन हिस्सों में एक जून से 12 जुलाई तक सामान्य से 12 प्रतिशत बारिश कम हुई है। अभी तक इन क्षेत्रों में 124.6 एमएम बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 141 एमएम है। दिल्ली वालों को मॉनसून सबसे अधिक निराश कर रहा है। यहां बारिश सामान्य से 44 एमएम कम हुई है। अभी तक दिल्ली में 75 एमएम बारिश हुई है, जबकि एक जून से 12 जुलाई तक 130.4 एमएम बारिश होनी चाहिए। 

अहम तो यह है कि सब कुछ सामान्य चल रहा है। स्काइमेट के चीफ मेट्रोलॉजिस्ट महेश पलावत के अनुसार यह ग्लोबल वार्मिक का असर ही हो सकता है। इस समय मॉनसून की अक्षीय रेखा दिल्ली के करीब से होकर गुजर रही है। इन भागों में बंगाल की खाड़ी से आर्द्र पूर्वी हवाएं भी पहुंच रही है। जिसकी वजह से बीते दो दिनों से मॉनसूनी बादल बढ़े हैं। 

अनुमान है कि यह बादल अगले 3 से 4 दिन तक बने रहेंगे और रुक रुककर हल्की बारिश करवाते रहेंगे। कहीं कहीं मध्यम बारिश भी हो सकती है। स्काइमेट के अनुसार यदि मौसम इसी तरह का रहा तो 16-17 हुलाई तक बारिश जारी रहेगी। इस बीच आईएमडी ने 13 जुलाई के ऑरेंज अलर्ट को वापस ले लिया है और इस दिन के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है। 

Source : Agency