गुवाहाटी 
मिजोरम में विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) पर यहां की सबसे प्रतिष्ठित एनजीओ ने लोगों को ज्यादा बच्चे पैदा करने को कहा है। एनजीओ यंग मिजोरम असोसिएशन ने कहा है कि प्रदेश की आबादी अन्य राज्यों की तुलना में कम है और केंद्र के नागरिकता संसोधन बिल का विरोध करने के लिए यह जरूरी है। 
संस्था के केंद्रीय अध्यक्ष वानलालरुआता के अध्यक्ष ने कहा, 'चर्च और समाज दोनों ने यह विश्वास करना शुरू कर दिया है कि हमें अपनी फैमिली प्लानिंग करने की जरूरत है। यह जरूरी नहीं है कि हम बच्चों की संख्या पर नियंत्रण करें। हम इस संबंध में लोगों की प्रतिक्रिया का इंतजार करेंगे।' 

2011 के जनसंख्या के आंकड़े देखें तो मिजोरम की आबादी 10.91 लाख है। यह सिक्किम के बाद दूसरा ऐसा राज्य है, जहां की जनसंख्या सबसे कम है। 

संस्था के अध्यक्ष ने कहा कि मिजोरम की जनसंख्या बढ़ेगी तो प्रदेश में विकास होगा और उद्योग के रास्ते खुलेंगे। जनजाति वाले राज्य मिजोरम के लिए कम जन्म दर चिंता का विषय है। मिजोरम में कई ऐसे इलाके हैं, जो खाली पड़े हैं। इन इलाकों में अवैध बांग्लादेशी कब्जा कर रहे हैं। 

Source : Agency