मे साइ 
रविवार को जब पहली बार थाइलैंड की गुफा से 4 बच्चे निकाले गए तो न सिर्फ मीडिया और अन्य लोगों को उनसे दूर रखा गया बल्कि बच्चों के मां-बाप तक को उनकी पहचान नहीं बताई गई। गुफा के अंदर सबसे कमजोर 4 बच्चों को पहले निकाला गया और सीधे अस्पताल ले जाया गया। सोमवार को भी 4 और बच्चों को गुफा से बाहर लाया गया लेकिन उन्हें भी अस्पताल के अलग वॉर्ड में रखा गया है। हालांकि, सवाल यही उठ रहा है कि आखिरकार ऐसा क्यों किया गया। गोताखोरों के साथ गुफा से बाहर निकलते ही बच्चों को उनके मां-बाप से मिलवाने की बजाय थाइ अधिकारियों ने उन्हें कुछ दिन एकांत में रखने की योजना बनाई। उनके मां-बाप को भी यह नहीं बताया गया है कि बच्चे सुरक्षित हैं। 

'बिजनस इनसाइडर' ने लिखा है कि स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक, दरअसल थाइ अधिकारी नहीं चाहते हैं कि बच्चों को किसी तरह का संक्रमण हो। बच्चों को उनके मां-बाप से दूर रखने के पीछे एक बड़ी वजह यह भी बताई जा रही है कि अधिकारी नहीं चाहते कि जो बच्चे गुफा में रह गए हैं उनके माता-पिता को तकलीफ पहुंचे। सोमवार सुबह एक अधिकारी ने थाइ टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि उन्होंने बच्चों का नाम-पहचान इसलिए जाहिर नहीं की है क्योंकि उन्हें डर है कि इससे गुफा में रह गए बच्चों के माता-पिता पर नकारात्मक असर पड़ेगा। 

स्थानीय खबरों में सिर्फ एक बच्चे का नाम जाहिर किया गया लेकिन उसकी भी मां को इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। 'द गार्डियन' से बातचीत में बच्चे की मां ने बताया कि वह अपने बेटे का नाम सुनकर खुश हैं। बीती 23 जून को थाइलैंड अंडर-16 फुटबॉल टीम के 12 लड़के और उनके असिस्टेंट कोच इस गुफा में गए और भारी बारिश की वजह से वहीं फंस गए थे। अब तक 8 बच्चों को बाहर निकाल लिया गया है और बाकी 5 को निकालने के लिए अभियान शुरू किया जा चुका है। 
 

Source : agency