कुराशिकी
 जापान के पश्चिमी हिस्से में पिछले कईं दिनों से जारी भीषण बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में मंगलवार सुबह तक कम से कम 156 लोगों की मौत हो गई है और अनेक लोग लापता हैं।

सरकारी प्रसारक एनएचके ने बताया कि मंगलवार सुबह तक वर्षा जनित हादसों में कम से कम 126 लोगों की मौत हो गई है और 63 लोग लापता बताए जा रहे हैं। हालांकि बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आई है और राहत तथा बचाव दल मलबें में लोगों की तलाश कर रहे हैं।

जापान में 1982 के बाद से यह सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा है जिसमें 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और इस की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अपना विदेशी दौरा स्थगित कर दिया है। मुख्य कैबिनेट सचिव योशीहिदे सुगा ने बताया कि इस आपदा के कारण आबे ने बेल्जियम, फ्रांस, सऊदी अरब और मिस्र का अपना दौरा स्थगित कर दिया है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बाढ़ के कारण हुए आर्थिक नुकसान का अभी कोई आकलन नहीं किया गया है। बाढ़ के कारण इस क्षेत्र के 11,220 मकानों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है और सैंकडों लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। बारिश  के बाद आई बाढ़ से उद्योग जगत भी काफी प्रभावित हुआ है और हिरोशिमा शहर में माजदा मोटर कंपनी ने हेड आफिस बंद कर दिया है। इस कंपनी ने पिछले सप्ताह कईं संयंत्रों में कामकाज को रोक दिया था और आज भी दो और संयंत्रों को बंद करने की बात कही जा रही है।

700 हेलिकॉप्टर राहत और बचाव के काम में लगाए गए हैं 

सोमवार को बारिश में कमी आई है। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक खतरा अभी टला नहीं है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश की वजह से पहाड़ी क्षेत्रों और पहाड़ के ढलानों में जमीन ढीली हो गई है जिससे नया खतरा पैदा हो गया है। वेदर एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया, 'हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे संभावित भूस्खलन को लेकर सतर्क रहें।' 

Source : Agency