नई दिल्ली 
बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान खत्म होती दिख रही है। रविवार को नई दिल्ली में जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद तस्वीर बिल्कुल साफ हो गई। सूत्रों के मुताबिक जेडीयू ने कहा है कि 2019 में बीजेपी के साथ उसका गठबंधन जारी रहेगा और दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ेंगी। हालांकि सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है। कुछ मामलों को लेकर जेडीयू ने नाराजगी भी जाहिर की है।  

सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेताओं को इस बात का अंदाजा है कि 2009 के फॉर्म्युले पर सहमति बनना मुश्किल है, लेकिन पार्टी को सम्मानजनक सीटें जरूर मिलेंगी। JDU की बैठक में यह भी तय हुआ है कि 'एक देश-एक चुनाव' के मुद्दे पर वह बीजेपी का समर्थन करेगी। हालांकि जेडीयू ने नागरिक संशोधन विधेयक के मुद्दे पर संसद के अंदर बीजेपी का विरोध करने का फैसला किया है। 

जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पार्टी हित में कोई भी फैसला लेने के लिए अधिकृत करने के संबंध में प्रस्ताव पास किया गया। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अगले हफ्ते बिहार दौरे पर जानेवाले हैं। इस दौरान वह पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव की तैयारियों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान शाह बिहार के सीएम नीतीश कुमार से भी मुलाकात करेंगे। सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं की मुलाकात में सीटों के बंटवारे पर अंतिम मुहर लग सकती है। 

गिरिराज के बयान पर आपत्ति 
बैठक में बिहार के नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान को लेकर नाराजगी जताई गई। आपको बता दें कि गिरिराज सिंह ने शनिवार को बिहार दंगे के आरोपियों से मुलाकात के दौरान बिहार सरकार पर हिंदुओं को दबाने की मानसिकता रखने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था, 'जिस तरह से जीतूजी और कैलाशजी को फंसाया गया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जब साल 2017 में रामनवमी के दौरान तनाव हुआ था तो उन्होंने क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल रखने के लिए प्रयास किया था। अकबरपुर में जब मां दुर्गा की प्रतिमा तोड़ दी गई थी, तब भी उन्होंने ऐसा ही किया।' 

पासवान पर टिकीं नजरें 
जहां बीजेपी और जेडीयू के बीच सीटों को लेकर सहमति बनती दिख रही है वहीं, अब सबकी नजरें लोक जनशक्ति पार्टी के अगले कदम पर टिक गई हैं। जहां एक तरफ केंद्रीय मंत्री और पार्टी प्रमुख राम विलास पासवान ने खुद को एकजुट करने वाली ताकत बताते हुए शुक्रवार को कहा था कि सत्तारूढ़ गठबंधन एक साथ है। वहीं उनके बेटे चिराग पासवान ने बीजेपी के लिए चिंता खड़ी करते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ मिलकर काम करने की संभावना से इनकार नहीं किया है। 

आपको बता दें कि एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में चिराग ने तेजस्वी के साथ जाने का इशारा देते हुए कहा था कि सियासत में सब कुछ मुमकिन है और भविष्य में दोनों युवा नेता साथ मिलकर काम करें तो कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए। हालांकि एलजेपी चीफ रामविलास पासवान ने इस तरह की संभावनाओं को तुरंत खारिज कर दिया लेकिन चिराग के इस बयान के बाद एनडीए में चिंता जरूर बढ़ गई है। 

कई मुद्दों पर विवाद अब भी 
गठबंधन पर भले ही सहमति की बात दिख रही हो लेकिन बीजेपी और जेडीयू के बीच दूसरे मुद्दों पर विवाद थमता नहीं दिख रहा है। जहां जेडीयू नेताअों ने केंद्रीय मंत्री और बिहार से बीजेपी नेता गिरिराज सिंह के बयान पर आपत्ति जताई है तो बीजेपी नेता उनके सपॉर्ट में आ गए हैं। गिरिराज सिंह ने कहा था कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में हिंदुओं को दबाया गया और उनकी उपेक्षा की गई है। 

रविवार को बिहार से बीजेपी एमपी गोपाल नारायण सिंह ने गिरिराज सिंह के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार में राजनीति के कारण हिंदुओं की लगातार उपेक्षा हो रही है। गाेपाल नारायण सिंह ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार बिहार में बिग ब्रदर नहीं हैं। वहीं, जेडीयू ने दोहराया है कि बिहार में जेडीयू बड़ी सहयोगी पार्टी है। 
 

Source : Agency