नई दिल्ली 
बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार रविवार को दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव समेत विभिन्न मुद्दों पर अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। बीजेपी के साथ संबंधों में तनाव की खबरों के बीच कुमार ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले शनिवार को पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की।  
 
इस तरह की अटकलें हैं कि नीतीश कुमार की अगुआई वाली पार्टी आरजेडी और कांग्रेस के साथ अपने गठबंधन की संभावनाओं पर विचार कर सकती है। जेडीयू नेता इस बात को खारिज कर चुके हैं लेकिन बीजेपी के साथ मतभेद सार्वजनिक होने के बाद इस तरह की अटकलों को बल मिला है। जेडीयू के कई नेताओं ने बीजेपी नीत एनडीए में अपनी पहले की प्रभावशाली स्थिति बहाल करने की मांग की है, जैसा 2013 में गठबंधन से नाता तोड़ने से पहले तक उसका प्रभाव था। 

2014 के लोकसभा चुनावों में अभूतपूर्व सफलता के बाद बिहार में बीजेपी का आधार बढ़ रहा है और वह जेडीयू को बड़ी पार्टी का दर्जा नहीं मिलने देना चाहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुमार 2019 में 15 लोकसभा सीटें हासिल करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। 2014 के आम चुनावों में बीजेपी ने राज्य में 40 लोकसभा सीटों में से 22 पर जीत हासिल की थी और उसके गठबंधन सहयोगियों एलजेपी और आरएलएसपी ने क्रमश: 6 और 3 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जेडीयू तब केवल 2 सीटें जीत सकी थी। 

Source : Agency