नई दिल्ली
अशुभ ज्येष्ठ मास खत्म हो गया है. शुद्ध आषाढ़ मास शुरू हो गया है. शादी का शुभ ग्रह गुरु तुला राशि में  जाकर 9  मार्च से वक्री था, उल्टी चाल वाला था, शादी में रुकावट आ रही थी. शुभ शादी नहीं हो रही थी. गुरु 10 जुलाई से मार्गी हो जाएगा. तब शादी का योग बनेगा. शादी करने, रिश्ता जोड़ने, छेका या रोका करने का सिर्फ 13 दिन का मौक़ा मिलेगा.

10 जुलाई  मंगलवार  को गुरु मार्गी होगा. 23  जुलाई से विष्णु देव पाताल लोक चले जाएंगे. देवशयनी एकादशी आ जाएगा -उसके बाद शादियां नहीं होती हैं. चातुर्य मास में शादी नहीं होती क्योंकि देव सोये होते हैं. देव 19  नवंबर तक पाताल लोक में सोये होंगे. लगभग चार माह शुभ काम बंद होंगे. शादी के लिए 10 ,17 ,18 ,19  20  21 ,22 और 23 जुलाई में आठ दिन मिले हैं. फिर 19  नवंबर सोमवार को देव  जागेंगे. तुलसी विवाह के बाद शादियां शुरू होंगी. सिर्फ 19  और 20  नवम्बर को शुभ विवाह का भारी  साया होगा. दोनों दिन अशुभ अबूझ मुहूर्त होगा

शादी के मुहूर्त में कब कब अड़चन है

चार महीनों में शादी का सही मुहूर्त नहीं निकलेगा

16 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक शुक्र अस्त  रहेगा

तारा शुक्र डूबा रहेगा

10 नवंबर से 7  दिसंबर तक गुरु अस्त रहेंगे

शादियाँ शुभ  नहीं होगी

25   सितम्बर से 9  अक्टूबर तक श्राद्ध चलेगा

इस बीच शुभ विवाह नही होगा

विवाह सिर्फ 12 और 13 दिसंबर को हो सकेगा

लड़की का शुभ विवाह शीघ्र हो जाएं, करें उपाय

कन्याएं हल्दी डालकर नहाएं ,गुरुवार को केले के पौधे पर बेसन के लड्डू और जल चढ़ाएं  

पीले वस्त्र पहने,पीला धागा बाजू में पहने  ,सीताफल में ताम्बे का सिक्का डालकर दान करें

चातुर्य मास में कहां शादियां होंगी

23 जुलाई से 19 नवंबर तक चातुर्य मास  होता है

कहते है विष्णु देव सोये होंगे

उत्तर भारत  में शादी नहीं होती

लेकिन कुछ इलाको में शादी होती है

पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, जम्मू और हरियाणा

आदि प्रदेश में लोक परम्परा अनुसार विवाह हो जाते हैं

इन प्रदेशो में विवाह मुहूर्त

अगस्त और सितम्बर में शादियां होंगी

बहुत बड़े अबूझ मुहूर्त में शादी कर लें, कोई दोष नहीं लगता है

21  जुलाई  को भड़ल्या  नवमी को दुर्गाजी के आशीर्वाद से अबूझ मुहूर्त है

19   नवंबर को देव उठावनी एकादशी  और 20  नवंबर को तुलसी  विवाह  है

शादी का बहुत बड़ा अबूझ मुहूर्त होगा

लड़कों की शादी जल्दी हो जाए क्या है कारगर उपाय

शुक्रवार का व्रत करके गुलाब की अगरबत्ती और दूध  महिला को दान करें

27 दिनों तक नाभि में सफ़ेद चन्दन लगाएं -शरीर में गुलाब का इत्र लगाएं

कांच के बर्तन में चांदी भिगोकर धूप  में  रखें और बाद में सेवन कर लें

Source : Agency