वास्तु में पेड़-पौधों को बहुत महत्व दिया गया है, उन्हीं में से एक महत्वपूर्ण पौधा है तुलसी। यह अपने आप में एक संपूर्ण पौधा है, इसकी जड़, पत्तीयां, फूल, मंजरी और डाली सब उपयोगी हैं। सनातन धर्म में तुलसी केवल पूजनीय ही नहीं बल्कि अनेक गुणों की खान भी मानी गई है। आज लगभग हर घर में तुलसी का पौधा देखने को मिलता है, लेकिन ये बात कम ही लोग जानते हैं की वास्तु शास्त्र की दृष्टि से तुलसी को बहुत ही शुभ माना गया है। बिना किसी तोड़-फोड़ के ये वास्तु दोषों का नाश करती है। इसे घर में रखने से नकरात्मक ऊर्जा से निजात मिलती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इस एक पौधे में हर समस्या का हल है, कुछ बातों का ध्यान रखें-

  • तुलसी का पौधा उत्तर-पूर्व दिशा में थोड़ी ऊंचाई पर रखें। वास्तु दोष दूर करने के लिए  दक्षिण-पूर्व से लेकर उत्तर-पश्चिम कोने में भी रख सकते हैं।
  • तुलसी का पौधा किचन के पास रखने से घर के सदस्यों में आपसी एकता बढ़ती है।
  • घर के बच्चे अगर जिद्दी हो तो पौधे को पूर्व दिशा में भी रख सकते हैं और तीन पत्ते रोज़ उन्हें खिलाएं।
  • कुंवरों के विवाह में बाधा आ रही हो तो तुलसी के पौधे को दक्षिण-पूर्व दिशा में रखें। हर रोज़ सुबह तुलसी को जल दें।
  • कारोबार की बाधाएं दूर करने के लिए पौधे को नैऋत्य कोण में रखकर हर शुक्रवार को कच्चा दूध चढ़ाएं।
  • तुलसी के सोलह बीज किसी सफेद कपड़े में बांधकर, किसी कोने में दबाने से नौकरी में आ रही रुकावटें दूर होती हैं।
  • वास्तु के अनुसार तुलसी अगर सूख जाती है तो उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें, घर में न रखें। पौधा सूखने के बाद जल्द ही दूसरा लगा लें वरना घर में बरकत नहीं रहती। तुलसी घर में होने से बुरी नज़र नहीं लगती और सकरात्मक ऊर्जा का वास होता है।
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