नई दिल्ली 
मौसम की वजह से देश भर में लोगों को अलग-अलग ढंग से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जहां दिल्ली में प्रदूषण की वजह से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है, वहीं पंजाब के ज्यादातर इलाके धूल की चादर में ढक गए हैं। यहां तक कि चंडीगढ़ में विमानों की आवाजाही पर भी इसका असर पड़ा। देश के कई इलाकों में आंधी और बाढ़ की वजह से लोगों के मारे जाने की भी खबर है। 

दिल्ली में सांस लेना मुश्किल 
दिल्ली के मौसम में प्रदूषण से लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। राजस्थान में धूल भरी अंधी का असर गुरुवार को भी दिल्ली-एनसीआर में देखने को मिला। दिल्ली और एनसीआर में धूल की वजह से विजिबिलिटी भी प्रभावित रही। एनसीआर की बात करें तो नोएडा में हालात और भी खराब हैं। बता दें कि बुधवार को नोएडा में पीएम 10 का स्तर 1135 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक रहा। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन दिन तक मौसम ऐसा ही बने रहने की आशंका जताई है। 

निर्माण कार्य पर रोक 
दिल्ली में खराब मौासम को देखते हुए एलजी ने सड़कों पर छिड़काव और रविवार तक सभी तरह के निर्माण कार्य पर रोक लागने की बात कही है। हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी ने भी गुरुवार शाम को आदेश जारी कर गुड़गांव में सभी तरह के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। आदेश में कहा गया है कि आदेश के न मानने पर साइट सील की जा सकती है। वहीं एप्का की मीटिंग में फरीदाबाद में भी अगले तीन दिन तक निर्माण कार्य पर रोक लगाने की बात कही है। वहीं फरीदाबाद नगर निगम ने कहा कि एसटीपी का पानी छिड़कांव में इस्तेमाल किया जाएगा। 

यूपी में 10 से ज्यादा मौत 
उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मौसम की वजह से कई लोगों की जान चली गई। कई जगह तेज आंधी की वजह से पेड़ गिरने, तो कहीं दीवार गिरने की वजह से हादसा हुआ। मौसम विभाग ने गोंडा, बस्ती, फैजाबाद, इलाहाबाद और मिर्जापुर के लोगों को घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी है। लखनऊ के मौसम विज्ञान केंद्र ने इन जिलों में तेज तूफान और बारिश की चेतावनी दी है। 

केरल में बाढ़ से जनजीवन बेहाल 
केरल में पिछले महीने से ही लगातार बारिश का दौर जारी है। राज्य के कोझिकोड और कुन्नूर में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इलाके में 3 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 10 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। नैशनल डिजास्टर मैनेजमेंट टीम और राज्य की टीम प्रभावित इलाकों में मौजूद है। केरल के सीएम ने मुख्य सचिव और जिला कलेक्टर को तत्काल राहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। 

पूर्वोत्तर में भी बुरा हाल 
भारी बारिश की वजह से त्रिपुरा और मिजोरम में भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। त्रिपुरा में इसकी वजह से चार लोगों के मारे जाने की बात ही जा रही है। ज्यादातर नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। वहीं भूस्खलन से दोनों राज्यों में यातायात बुरी तरह प्रभावित है। ऐसे में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने राज्य के कई इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। नीचले इलाकों में लोगों से सुरक्षित स्थानों या राहत कैंपों में जाने को कहा है। 

Source : Agency