ट्रांस हिंडन 
खोड़ा में ट्राली बैग में शव मिलने के मामले में युवती के हत्यारोपी ने सनसनीखेज खुलासा किया है। युवक का कहना है कि नौ जून की रात 12 बजे उसका युवती से झगड़ा हुआ था। गुस्से में उसने घर में रखे चाकू से वार कर युवती की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद 72 घंटे तक वह घर में ही शव के साथ रहा। 12 जून की रात वह शव को ठिकाने लगाने ले जा रहा था। तभी पड़ोसी ने देखकर उससे पूछ लिया। घबराकर वह शव भरे बैग को कार में ही छोड़कर भाग गया। मंगलवार रात 12:30 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि खोड़ा की वंदना एंक्लेव में कार में एक ट्रॉली बैग रखा है जिसमें से बदबू आ रही है। बैग लेकर जा रहा युवक मौके से फरार हो गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने बैग खोलकर देखा तो उसमें एक युवती की लाश मिली। युवक और युवती दोनों लुधियाना के रहने वाले थे। दोनों बीते 6 माह से लिव इन रिलेशनशिप में खोड़ा में रह रहे थे। युवती इंदिरापुरम स्थित हैबीटेट सेंटर के एक सैलून में काम करती थी जबकि युवक नोएडा सेक्टर-10 में एक मोबाइल कंपनी के कस्टमर सेंटर पर काम करता है। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की तो कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। 

पुलिस की गिरफ्त में आए लुधियाना निवासी शिवम बिरदी ने बताया कि ज्योति वर्मा(26) से उसकी मुलाकात 2 साल पहले लुधियाना में एक सैलून के बाहर हुई थी। दोनों में दोस्ती होने के बाद इश्क हुआ। बीते साल अगस्त में युवक की नौकरी नोएडा में मोबाइल कंपनी के कस्टमर केयर सेंटर पर लगी तो अक्तूबर में उसने युवती को भी अपने पास बुला लिया। युवती की नौकरी इंदिरापुरम के एक सैलून में लग गई। कुछ दिन तक दोनों में सबकुछ ठीक रहा उसके बाद दोनों में झगड़े होने लगे। युवक का कहना है कि ज्योति अक्सर देरी से घर आती थी। वह रात को कई बार देरी से आता था तो वह झगड़ा करती थी। दोनों में अक्सर देरी से रात को घर आने पर झगड़े होते थे। 

शिवम बिरदी का कहना है कि 9 जून की रात को ज्योति देरी से घर आई तो उसने वजह पूछी। इसी बात पर दोनों में झगड़ा हो गया। इसके बाद उसने घर में रखे चाकू से ज्योति की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद उसने शव को बाथरूम में डाल दिया। हत्या के बाद  उसकी कुछ समझ नहीं आया तो शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। घर में रखे ट्राली बैग में उसने ज्योति का शव ठूंसकर रख दिया फिर किराए पर एक कार मंगाई। उसकी योजना ज्योति के शव को लुधियाना ले जाने की थी। लेकिन कार में बैग रखते ही उसे देख लिया और वह मौके पर बैग छोड़कर भाग गया। ज्योति के भाई की शिकायत पर पुलिस ने शिवम के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। 

दोनों के वेतन में भारी अंतर
शिवम को जहां 14 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है वहीं ज्योति का वेतन 22 हजार रुपये महीना था। दोनों में कमाई को लेकर भी झगड़ा होता था। शिवम का कहना है कि वह बिना वजह देरी से रात को घर आती थी इससे उसे ज्यादा गुस्सा आता था। 

परिजनों को लिव इन रिलेशनशिप की जानकारी नहीं
ज्योति के शव को लेकर लुधियाना जा रहे उसके भाई लोधी सिंह वर्मा का कहना है कि ज्योति ने कभी नहीं बताया कि वह किसी युवक के साथ गाजियाबाद में लिव इन रिलेशनशिप में रहती थी। ज्योति ने अपने घर बताया था कि वह किसी लड़की के साथ दिल्ली में रहती है और एक सैलून पर काम करती है। परिजनों को 6 माह में कभी दिल्ली आना भी नहीं हुआ। उसकी हत्या की जानकारी मिलने के बाद पूरा परिवार सकते में है। ज्योति के पिता की  पहले ही मौत हो चुकी है। वह 2 भाई और 5 बहनें थीं। 

बदबू ना आए इसलिए रोज अगरबत्ती जलाई
शिवम का कहना है कि शव से बदबू आने पर उसने कमरे में अगरबत्ती जलानी शुरु की। लेकिन बदबू बढ़ती ही जा रही थी। भीषण गर्मी के कारण शव की स्थिति बेहद खराब हो गई थी। पुलिस को ट्राली बैग से शव निकालने में भी मुश्किल आई। 

Source : agency