इस्लामाबाद 
आतंकी हाफिज सईद किसी भी कीमत पर पाकिस्तान में होने जा रहे आम चुनावों में शामिल होना चाहता है। यही वजह है कि बार-बार झटका लगने के बावजूद सईद लगातार तिकड़म भिड़ाने से बाज नहीं आता दिख रहा है। अब हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा की राजनीतिक इकाई मिल्ली मुस्लिम लीग (MML) ने आगामी आमचुनाव में एक ऐसी पार्टी के नाम का इस्तेमाल करने का फैसला किया है जिसे बहुत ज्यादा पहचान नहीं मिली है। यह फैसला MML को राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत करने के आवेदन को दूसरी बार खारिज करने के पाकिस्तान के चुनाव आयोग के फैसले के बाद लिया गया है। 

25 जुलाई को होने वाले चुनाव में MML के समर्थित करीब 200 प्रत्याशी अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक (AAT) पार्टी के तहत मैदान में होंगे। AAT पहले से ही पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) में पंजीकृत है। ईसीपी ने बुधवार को एक बार फिर पंजीकरण के लिए MML के आवेदन को ठुकरा दिया था। MML ने घोषणा की है कि चुनाव से पहले अगर शीर्ष न्यायालयों का निर्णय उनके पक्ष में नहीं आता है तो पार्टी द्वारा समर्थित उम्मीदवार AAT के मंच से चुनाव में भाग लेंगे। ईसीपी की सूची में मान्यता प्राप्त दलों में एएटी 10 वें नंबर पर है। 

एएटी कम पहचान पाने वाली पार्टी है जिसके अध्यक्ष बहावलपुर के मियां इहसान बारी हैं। ईसीपी ने उसे ‘कुर्सी ’ चुनाव चिह्न आवंटित किया है। ईसीपी की चार सदस्यीय खंडपीठ ने गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट के आधार पर MML के आवेदन को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि पार्टी जेयूडी सरगना सईद की विचारधारा का पालन करती है। आगामी 25 जुलाई को होने वाले चुनावों में किस्मत आजमाने के लिए एमएमएल की शुरुआत बीते अगस्त में हुई थी। सईद पिछले महीने से ही एमएमएल के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है। 

Source : agency