इंदौर
आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज का बुधवार को इंदौर में अंतिम संस्कार कर दिया गया. भय्यूजी की बेटी कुहू ने उन्हें मुखाग्नि दी. भय्यूजी महाराज ने पारिवारिक तनाव के चलते मंगलवार को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी.

वहीं, इंदौर पुलिस ने करीब 24 घंटे बाद खुलासा किया है कि भय्यूजी महाराज ने सुसाइड करने के लिए वेबले स्कॉटिश पिस्टल का इस्तेमाल किया. ब्रिटिश कंपनी की  .38 की इस पिस्टल में चार गोलियां थीं, जबकि एक गोली भय्यूजी महाराज ने खुद को मार ली थी. इस ब्रांड की पिस्टल पुलिस महकमे के अधिकारी प्रयुक्त करते हैं.

इंदौर पुलिस ने बताया कि भय्यूजी महाराज के पास हथियार रखने का लाइसेंस था. यह लाइसेंस 2002 में महाराष्ट्र में बना था, जिसकी अवधि अगले साल खत्म होनी थी.

भय्यूजी महाराज का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह सिल्वर स्प्रिंग इलाके में स्थित उनके आवास से सूर्योदय आश्रम ले जाया गया, जहां उनके अनुयायियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. भय्यूजी को केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे सहित कई प्रमुख लोगों ने श्रद्धांजलि दी.

भय्यूजी महाराज की अंतिम यात्रा सूर्योदय आश्रम से शुरू हुई. पार्थिव शरीर को एक खुले ट्रक में रखा गया था, जिसे पुष्पों से सजाया गया था. कई स्थानों पर अनुयायियों ने मंच बनाकर अपने गुरु को अंतिम विदाई दी. मुक्तिधाम में भय्यूजी के पार्थिव शरीर को उनकी बेटी कुहू ने मुखाग्नि दी.

Source : Agency