भोपाल
अंततः हर बार की तरह इस बार भी मानसून प्रदेश की चौखट पर आ कर रूठ गया। अरब सागर में समय से पहले शुरू हुई मानसूनी हलचल और दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के कारण मौसम विज्ञानियों ने मानसून के तय समय(13 जून) से पहले राजधानी में दस्तक देने के आसार जताए थे। हालांकि पिछले 12 साल में सिर्फ एक बार (2013 में 11जून को) ही मानसून ने शहर में अपनी आमद दर्ज कराई है। मौसम विज्ञानियों ने अब 22 जून से मानसून के आगे बढ़ने की संभावना जताई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 29 मई को केरल पहुंचने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून कर तेजी से आगे बढ़ा था। लेकिन तीन दिन पहले छत्तीसगढ़ के दक्षिणी भाग और महाराष्ट के गोंदिया तक पहुंचने के बाद मानसून ठिठक कर रह गया। दरअसल अरब सागर में कोई सिस्टम तैयार नहीं होने से आगे बढ़ रहे मानसून को ऊर्जा मिलना बंद हो गई, जिसके चलते मानसून थम कर रह गया।

मानसून के थमने से राजानी सहित प्रदेश के कई स्थानों पर शुरू हुई प्रीमानसून एक्टिविटी में कमी हो गई है। किसी तरह का कोई सिस्टम नहीं होने से आसमान साफ होने लगा है। जिसके चलते धूप निकलने लगी है। धूप में चुभन भी महसूस होने लगी है। साथ ही वातावरण में नमी होने के कारण वातावरण में उमस भी बढ़ गई है।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ममता यादव ने बताया कि वर्तमान में कोई सिस्टम मौजूद नहीं है। लेकिन पिछले दिनों राजधानी सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हई मानसून पूर्व की बरसात के कारण वातावरण में नमी बरकरार है। जिसके चलते आसमान पर आंशिक बादल बन रहे हैं। धूप निकलने के कारण अभी दिन के तापमान में धीरे- धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है। एक सप्ताह बाद एक बार फिर अरब सागर में मानसूनी हलचल बढ़ने की संभावना है। इससे वर्तमान में थम गए मानसून को ऊर्जा मिलेगी। इससे राजधानी के आसपास के क्षेत्रों में मानसून पूर्व की गतिवियिां फिर तेज होने लगेगी। इस दौरान हल्की बौछारें भी पड़ेंगी

Source : Agency