सिंगरौली  
जिला कलेक्टर सिंगरौली  ने जब जन सुनवाई के दौरान कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में परचूनी की दुकान पर अफीम-गांजा, चरस, शराब बिकने की जानकारी मिली तो वह भौंचक रह गए. इन महिलाओं का कहना था कि गांव में सब तरह का नशा आसानी से मिलने के कारण उनके यहां के मर्द इन तमाम मादक पदार्थों का धड़ल्ले से सेवन कर रहे हैं.इससे उनके स्वास्थ के साथ जो घर की आवश्यकताओं के लिए मेहनत मजदूरी से जुटाया धन नशे की भेंट चढ़ रहा है.युवा पीढ़ी नशे की आदी हो शिक्षा और कामकाज से विमुक हो रही है.

महिलाओं की बात सुन सिंगरौली कलेक्टर अनुराग चौधरी ने तुरंत जिला आबकारी अधिकारी को मौके पर भेज कार्रवाई का निर्देश दिए. जहां पर पहुंच आबकारी अधिकारी ने किराना दुकान से तकरीबन दस हजार कीमत की अवैध शराब बरामद कर आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की.

सिंगरौली जिले में अवैध शराब का कारोबार इस समय चरम पर है. नशे की वजह से ही लोगों के घर बर्बाद हो रहे हैं बावजूद इसके नशे के प्रति शासन-प्रशासन बिल्कुल भी संजीदा नहीं है.अब बुधवार को जन सुनवाई के दौरान कोतवाली क्षेत्रांतर्गत बेलौहा गांव से कुछ महिलाओं ने पहुंच कलेक्टर अनुराग चौधरी से शिकायत की कि हमारे घर के नजदीक की दो से तीन किराना स्टोर वाले गांजा चरण, अफीम, दारू जैसे मादक पदार्थ चौबीसों घंटे लगातार बेच रहे हैं.

महिलाओं का कहना था कि इस नशाखोरी के चलते मुख्यमंत्री  के द्वारा आवास योजना अंतर्गत मिलने वाले पैसे को भी उनके पति शराब में उड़ा रहे हैं. पूरा घर परिवार बर्बाद हो गया, बच्चे भी नशे के गिरफ्त में आ रहे हैं. ऐसे में यदि इन दुकानों को नहीं बंद करवाया जाएगा तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य  बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता.

Source : Agency