मथुरा
उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित केन्द्रीय बकरी अनुसंधान, संस्थान (आई सी ए आर) किसानों की आय बढ़ाने के लिए मूल्य सवंर्धित उत्पाद तैयार करने का अभिनव एडवांस प्रशिक्षण कार्यक्रम नई इबारत लिख सकता है। इस पाठ्यक्रम के समापन के बाद इसके प्रतिभागियों ने यह महसूस किया कि यह बकरी मांस एवं दुग्ध के उत्पादों को मूल्य सवंर्धित बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। मेरठ की स्मिथा सिंह ने बताया कि बकरी मांस वध, बिक्री और निर्यात एवं दुग्ध के उत्पादों के बारे में उन्हें भारत और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न मानकों के बारे में समझाया गया जो उनके लिए उपयोगी साबित होगा।

भद्रावती महाराट्र के सूर्यकांत आर जम्बूलकर ने कहा कि इस कोर्स में उन्हें बकरी मांस और दूध के ऐसे उत्पादों को तैयार करने के बारे में बताया गया जो मूल्यवर्धन के साथ साथ तुरंत ही उपयोग में लाए जा सकते हैं। बकरी के मांस के निर्यात की ओर अग्रसर रामपुर से आए जावेद आई सिद्दीकी का मानना है कि मूल्यवर्धित उत्पाद प्रोसेस से अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि बकरी मांस नगेट्स, पैटीज जैसे मांस उत्पादों की मांग भी बहुत है।

अहमदाबाद से आए उमेश आर सिंदूरिया ने कहा कि स्वच्छता, गुणवत्ता और स्वाद की आवश्यकता इस पाठ्यक्रम के महत्वपूर्ण मानदंड थे और उन्हें गहराई से समझाया गया। उत्पादों की पूर्व और अन्तिम तैयारी की आवश्यकताओं को भी समझाया गया, जो बहुत उपयोगी है।

त्रिवेन्द्रम से आए एलेक्स वी टाइटस ने कहा कि सॉसेज मांस उत्पाद का महत्वपूर्ण अवयव है और मांग में उच्च है इसकी तैयारी के लिए उपयोग की जाने वाली केसिंग की तैयारी के बारे में समझाया गया था। सॉसेज तैयारी का प्रदर्शन किया गया था और प्रशिक्षुओं को बाजार की मांग और उन्हें तैयार करते समय गुणवत्ता की जरूरतों के बारे में भी समझाया गया था जो इन उत्पादों को तैयार करने में मदद करेगा। 

Source : Agency