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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन अपनी ऐतिहासिक वार्ता के लिए रविवार को ही सिंगापुर पहुंच गए थे। इस वार्ता की नींव तब पड़ी थी जब इसी साल अप्रैल में किम जोंग दक्षिण कोरिया गए थे। खबरों के मुताबिक, किम ने इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ वार्ता के लिए तो हामी भर दी लेकिन उन्होंने एक शर्त भी रखी। शर्त थी अपना टॉइलट साथ लेकर जाना। दक्षिण कोरियाई न्यूज एजेंसी The Chosunilbo की रिपोर्ट के मुताबिक, जब इस हफ्ते किम एयर चाइना के बोइंग 747 विमान से सिंगापुर पहुंचे थे तो उनके साथ एक IL-76 ट्रांसपोर्ट प्लेन भी था, जिसमें उनका खाना, बुलेट प्रूफ लीमोजीन (गाड़ी) और एक पोर्टेबल टॉइलट था। 

उत्तर कोरियाई गार्ड कमांड में काम कर चुके और साल 2005 में दक्षिण कोरिया भागे ली यन कियोल ने वॉशिंगटन पोस्ट को बताया, 'सार्वजनिक शौचालयों का इस्तेमाल करने की बजाय, उत्तर कोरियाई नेता के पास एक निजी टॉइलट है जो उनके साथ-साथ चलता है।' जब इसका कारण पूछा गया तो ली ने बताया, 'किम के मल में उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी होती है, इसलिए वह इसे छोड़ नहीं सकते।' उत्तर कोरियाई नेता जब भी देश में मिलिटरी बेस का दौरा करते हैं या फैक्ट्रियों का दौरा करते हैं तो भी यह टॉइलट उनके साथ रहता है। 

इतना ही नहीं दक्षिण कोरियाई न्यूज एजेंसी डेली एनके के मुताबिक, किम के काफिले में हमेशा एक गाड़ी ऐसी होती है जिसमे उनका टॉइलट होता है। साल 2015 में किम के सुरक्षा दल के करीबी सूत्र ने डेली एनके को बताया था, 'ये रेस्टरूम सिर्फ किम की ट्रेन में नहीं बल्कि उन छोटी गाड़ियों में भी होते हैं जिनमें किम जोंग सफर करते हैं। यहां तक कि उन वाहनों में भी जो खासतौर पर पहाड़ों और बर्फ पर चलने के लिए बनाए गए हैं।' सूत्र ने बताया था, 'किम के काफिले में ऐसी कई गाड़ियां होती हैं ताकि किसी को यह पता न लग सके कि किम किस गाड़ी में हैं।' 

Source : agency