इंदौर
इंदौर के एक निजी अस्पताल को बीएसएनएल के जनरल मैनेजर और सीएमडी के जाली हस्ताक्षर कर विभाग के कर्मचारियों का मेडिकल चेकअप कराने के एवज में कमीशन की मांग कर ठगने का प्रयास कर रहे एक युवक को इंदौर पुलिस ने पकड़ा है.पलासिया इलाके में यूरेका अस्पताल के संचालक डॉ. विजय नचानी ने डीआईजी से शिकायत की थी कि फोन पर उनसे रमेश प्रजापति नामक व्यक्ति ने खुद को बीएसएनएल कर्मचारी बता कर बात की.नचानी से उसने कहा कि हमारे विभाग के सभी कर्मचारियों का मेडिकल चेकअप उनके अस्पताल में करवाने का प्रपोजल देना चाहते हैं. इससे अस्पताल को करोड़ों रुपये की आमदनी होगी लेकिन इसके एवज में कमीशन देना होगा.

5 जून को एक व्यक्ति उनके अस्पताल पहुंचा जिसके हाथों रमेश प्रजापति ने एक प्रपोजल अस्पताल में भेजा. इसे दिल्ली में विभाग के चेयरमैन व सीएमडी अनुपम श्रीवास्तव व इंदौर में पदस्थ प्रिंसीपल जनरल मैनेजर सुरेश प्रजापति के फर्जी साइन कर तैयार किया गया था. प्रपोजल लेकर नचानी बीएसएनएल के ऑफिस पहुंचे तो पत्र देख सुरेश प्रजापति भी चौंक गए, उसमें उनके साइन फर्जी थे. इतना ही नही उस पत्र पर दिल्ली मुख्यालय के सीएमडी अनुपम श्रीवास्तव के भी हस्ताक्षर थे.उन्होंने बताया कि ऐसा कोई प्रपोजल विभाग नहीं बना रहा है. अस्पताल संचालक की शिकायत के बाद प्रभारी टीआई पलासिया औंकार सिंह भदौरिया के नेतृत्व में एक टीम बनाई.

प्रपोजल देने के बाद से रमेश प्रजापति लगातार फोन पर नचानी से बात करता रह.उनसे सोमवार को अपने साथी को बात करने के लिए अस्पताल भेजने की बात कही. इस पर टीम सिविल ड्रेस में अस्पताल पर तैनात हो गई. जब एक युवक बात करने आया तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसने अपना नाम  ब्रजेश निवासी देवरिया उत्तर प्रदेश बताया. उसे गिरफ्तार कर थाने लाया गया. पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर आगामी पूछताछ करने में जुट गई है. जल्द ही तमाम और धोखाधड़ी के मामलों का खुलासा होने की उम्मीद है.

Source : Agency