मुंबई
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को मुंबई में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. अपने संबोधन में राहुल ने कहा कि देश को सिर्फ कांग्रेस पार्टी बचा सकती है. उन्होंने बीजेपी के ही वरिष्ठ नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी के साथ ही आर्थिक अपराधी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा.

'PM कहते हैं- नौकरी मत करो, आपस में लड़ो'

राहुल गांधी ने कहा कि आज देश का युवा रोजगार मांग रहा है लेकिन देश में सारा सामान 'मेड इन चाइना' का है. उन्होंने कहा कि देश का युवा कह रहा कि मैं देश का भला कर सकता हूं, मैं चीन का मुकाबला करना चाहता हूं. लेकिन पीएम कह रहे हैं कि नहीं तुम अपने देश को फायदा मत पहुंचाओ, तुम एक-दूसरे से लड़ो, रोजगार की कोई जरूरत नहीं, काम करने की जरूरत नहीं, मैं पीएम हूं, मेरे भाषणों से देश चलेगा.

'मेहुल चोकसी को भाई कहते हैं पीएम मोदी'

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने किसानों का 70 हजार करोड़ रुपया माफ किया, जबकि इस सरकार के समय में नीरव मोदी 35 हजार करोड़ रुपये लेकर भाग जाता है, पीएम नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को भाई कहते हैं, ये मैं नहीं कह रहा, टीवी में दिखाया गया था. उसके भागने पर मोदी जी के मुंह से एक शब्द नहीं निकला, अमित शाह जी का बेटा 50 हजार को 80 करोड़ में बदल देता है, पूरी मुंबई में ऐसा कोई व्यापारी नहीं होगा जो ये कारनामा कर सके.

'पीएम केवल 15-20 अमीरों के चौकीदार'

प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि मोदी दी ने कहा था कि मैं देश का चौकीदार बनना चाहता हूं. अब लोग हंस रहे हैं, क्योंकि आप गलत समझे, नरेंद्र मोदी देश के 15-20 सबसे अमीर लोगों के चौकीदार बनना चाहते थे. वे चौकीदार बने हैं, पर अमीरों की रक्षा कर रहे हैं.

'कांग्रेस ही लड़ सकती है आरएसएस से'

राहुल ने कहा, 'मेरे पास विपक्ष के एक सीनियर नेता आए, मैं नाम नहीं बताऊंगा. मेरे साथ एक-दो घंटा बैठे. कहा- 50 साल से मैं कांग्रेस पार्टी के खिलाफ लड़ रहा हूं. 50 साल बाद मुझे ये बात समझ आई कि कांग्रेस ही देश की रक्षा कर सकती है. अगर बीजेपी को हराना है तो बीजेपी और आरएसएस ही हरा सकती है. (भीड़ में से आवाज आने पर बोले- नहीं आडवाणी नहीं).'

'कांग्रेस करती है आडवाणी का सम्मान'

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'मुझे खराब लगता है, मुझे कहना नहीं चाहिए. हम आडवाणी जी के खिलाफ लड़े, कांग्रेस पार्टी ने उन्हें हराया, 2004, 2009 में हम उनके खिलाफ लड़े. मैं संसद में होने वाले कई कार्यक्रमों में शामिल होता हूं. वहां उन्हें देखकर मुझे काफी दुख होता है. मैं संसद में आडवाणी की रक्षा करता हूं, मैं उनके साथ खड़ा होता हूं. मैं उनको आगे खड़ा करता हूं, जो उनके शिष्य थे वे ऐसा नहीं करते. प्रधानमंत्री के गुरु कौन थे- एलके आडवाणी, उनहोंने अपने गुरु का क्या किया, किसी फंक्शन में उनकी इज्जत नहीं करते. कांग्रेस पार्टी की विचारधारा उनकी इज्जत करती है. हममें और उनमें ये फर्क है.'

'वाजपेयी को देखने सबसे पहले मैं गया'

राहुल ने कहा- 'हम वाजपेयी जी के खिलाफ लड़े, लेकिन वाजपेयी जी ने हिंदुस्तान के लिए काम किया. वह देश के पीएम रहे हैं. हम उनके पद का आदर करते हैं. अगर वाजपेयी जी बीमार हैं तो हम उनके साथ खड़े रहेंगे. उन्हें देखने सबसे पहले मैं ही गया था. ये हमारा इतिहास है, धर्म है. मैं शायद थोड़ा ज्यादा बोल गया.'

कार्यर्ताओं को ऐसे लुभाया

राहुल ने कार्यकर्ताओं को अपना सेनापति बताया. उन्होंने कहा, 'मैं मंच पर हूं और हमारे सेनापति पीछे खड़े हैं. कांग्रेस को चुनाव उसका कार्यकर्ता ही जिताता है, वही सेनापति है. मैं इस कार्यकर्ता की रक्षा करूंगा, आपको संगठन में आगे बढ़ाने और आपकी आवाज सुनने की जिम्मेदारी मेरी है. गुजरात और कर्नाटक में हमने किसी को पैराशूट से नहीं उतारा, आपको ही मौका दिया.'

'बीजेपी के खिलाफ निकालो लिस्ट'

राहुल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, 'जहां भी बीजेपी के लोग आग लगाते हैं. वहां आपका काम है पानी डालना. बीजेपी और आरएसएस वाले एक के बाद एक झूठ बोलते हैं. आप अपनी लिस्ट निकालो. उनसे कहो कि पीएम के 15 लाख रुपये देने, 2 करोड़ रोजगार और  किसानों को सही दाम के वादे का क्या हुआ? आप जनता को बताइए कि ये उल्टा नोटबंदी, गब्बर सिंह टैक्स ले आए. चीन के राष्ट्रपति के साथ झूला झूले. आप लोगो को राफेल डील, डोकलाम, अमित शाह के बेटे और पीयूष गोयल के बारे में भी बताइए.'

'मीडिया कुछ दिनों में बोलेगा'

राहुल ने कहा, 'जब हमारी सरकार थी तो हमारे खिलाफ खूब लिखा जाता था. इस समय मीडिया डरा हुआ है. अभी चुनाव में एक साल बचा है. ये घबराए हुए हैं, छह महीने में मीडिया बदल जाएगा और चुनाव के दो-तीन महीने पहले मीडिया बोलने लगेगा.'

'सावरकर ने अंग्रेजों से हाथ जोड़कर माफी मांगी'

राहुल ने कहा, 'गहलोत जी से मैंने चर्चा की है. कांग्रेस का दिल्ली में नया ऑफिस बन रहा है. आजादी के समय कांग्रेस के लोगों ने बहुत बलिदान किया, हमारे नेता-कार्यकर्ता जेल गए, मारे गए. इसके बाद कई प्रदेशों में भी कार्यकर्ताओं की जान गई. हमारे नए ऑफिस में एक दीवार होगी, जिसमें हमारे मारे गए कार्यकर्ताओं का नाम होगा. आपने बलिदान किया है, आपके परिवारों ने अपना खून-पसीना दिया है. जब इनके सावरकर जी चिट्ठी लिख रहे थे, नहीं हाथ जोड़कर माफी मांग रहे थे- मुझे माफ कर दो-मुझे माफ कर दो तो कांग्रेस के कार्यकर्ता जेल में 15-20-25 सालों के लिए बंद थे.'

Source : Agency