आजकल कई मह‍िलाएं ब्रेस्‍ट केंसर और ब्रेस्‍ट से जुड़ी कई तरह की समस्‍याओं से परेशान है। ब्रेस्‍ट भी बाकि अंगों की तरह शरीर का बहुत ही जरुरी हिस्‍सा है। इसकी अनदेखी के चलते ब्रेस्‍ट इंफेक्‍शन और कैंसर जैसी कई समस्‍याओं से गुजरना पड़ सकता है। बाहरी तौर पर साफ सफाई और कपड़ों के अलावा कई आयुवेर्दिक हर्ब्‍स है जिनके सेवन से हम ब्रेस्‍ट को हेल्‍दी रख सकते हैं।

आयुर्वेद प्राचीन भारतीय आरोग्य पद्धति है में अमा दोष को ब्रेस्ट कैंसर का कारण माना जाता है। इसल‍िए ब्रेस्ट को हेल्दी रखने के ल‍िए कुछ आयुर्वेदिक हर्ब्‍स से इन्‍हें काफी समय तक हेल्‍दी रखा जा सकता है।
इसके अलावा आप अपनी डाइट को सुधारें, आराम करें और नींद पूरी करें। अपने रिश्‍तों को मजबूत बनाएं तथा अच्‍छी अच्‍छी हॉबीज़ अपनाएं। अपने इमोशन्‍स को समझें। आप चाहें तो अपनी मन की बातों को एक डायरी में लिख सकती हैं। बाजार में मिलने वाले डियोड्रेंट को ना लगाएं।

अगर पसीना आता है तो उसे प्राकृतिक तरीके से साफ करें। बाजारू डियो यूज़ करने से टिशू में लेयरर्स बिल्‍डअप हो जाती हैं, जिससे ब्रेस्‍ट को नुकसान पहुंचता है।

ऐलो वेरा-
ऐलो वेरा में मौजूद एंटी बैक्‍टीरियल गुण ब्रेस्‍ट को यीस्‍ट इंफेक्‍शन से दूर रखता है। ऐलोवेरा ब्रेस्ट को बढ़ने और सर्वाइकल कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है। ऐलो वेरा ब्रेस्ट के धमनी को मजबूत करने में मदद करता है।

सौंफ-
खाने के बाद सौंफ खाने की परंपरा के बहुत सारे फायदे होते हैं। सौंफ खाने से शरीर से विषाक्त पदार्थ निकल जाते हैं और ये ब्रेस्ट के टिशु को हेल्दी बनाने में मदद करते हैं।

मेथी-
मेथी तो हर किचन में पाया जाता है। डॉ. भगवती का कहना है कि नियमित रूप से मेथी का सेवन करने से ब्रेस्ट टिशु के आस-पास जो अमा दोष बनता है उसको होने से रोकने में मदद करता है।

 शतावरी-
शतावरी स्तनों को सुडौल और मजबूत बनाने में शतावरी जड़ी-बूटी बेहद उपयाेगी है। यह एक फाइटोस्ट्रोजेन है जो नियमित रूप से उन महिलाओं के लिए निर्धारित किया जाता है जिन्हें लैक्टेटिंग की परेशानी होती है।

तुलसी-
पवित्र तुलसी को भारतीय संस्कृति में कई स्वास्थ्य लाभ और धार्मिक महत्व के लिए सम्मानित किया गया है। यह सुगंधित जड़ी-बूटी, लीकोरिस की तरह, लसीका द्रव को साफ करने में मदद करती है और शरीर को एमा से छुटकारा दिलाती है।

यष्टिमधु-
यष्टिमधु में कैंसररोधी और हॉर्मोन को संतुलित करने का गुण होता है जो लिम्फैटिक फ्लूइड और टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है जो ब्रेस्ट को हेल्दी रखने की ज़रूरी होता है।

पुनर्नवा
यह शरीर में जमा एमा को ख़त्म करने में सहायता करती है। इसे बोहेराविया डिफुसा के नाम से भी जाना जाता है। इसका उपयोग कई आयुर्वेदिक चीजों को बनाने में किया जाता है।

Source : Agency