भिवंडी
आरएसएस की मानहानि मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आरोप तय हो गए हैं। हालांकि राहुल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह दोषी नहीं हैं। राहुल के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत आरोप तय हुए हैं। राहुल ने कोर्ट से बाहर आकर बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि वह लड़ाई लड़ेंगे और जीतेंगे।

बता दें कि राहुल ने 2014 में एक रैली के दौरान आरएसएस को महात्मा गांधी की मौत का जिम्मेदार बताया था। इसके बाद आरएसएस ने राहुल गांधी पर मानहानि का मुकदमा दर्ज किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज ने राहुल से कहा कि आपके बयान से आरएसएस की साख को नुकसान पहुंचा है।

सुनवाई के बाद कोर्ट से बाहर आकर राहुल ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, 'मेरे खिलाफ केस पर केस किए जाते हैं लेकिन महंगाई-पेट्रोल के दामों पर पीएम मोदी कुछ नहीं बोलते।' उन्होंने कहा कि देश का किसान बीजेपी की नीतियों के कारण परेशान है, उससे कुछ लेना-देना नहीं। उन्होंने आगे कहा, 'मेरे ऊपर केस करते करिए मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। ये मेरी और उनकी विचारधारा की लड़ाई है। मैं लडूंगा और जीतूंगा।'


दूसरी ओर मामले के शिकायतकर्ता राजेश कुंटे ने कहा, 'राहुल गांधी और उनके लोगों के लिए विशेष इंतजाम किया गया। मैं शिकायतकर्ता हूं फिर भी मेरी तलाशी लेकर कोर्ट के अंदर जाने की इजाजत दी गई जबकि राहुल गांधी और उनके साथियों को बिना किसी तलाशी के अंदर जाने को मिल गया जबकि वह आरोपी हैं। पुलिस का रवैया पक्षपातपूर्ण था।'

मंगलवार सुबह पहुंचे थे मुंबई
इससे पहले राहुल गांधी मंगलवार सुबह मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे थे। जहां से वह ठाणे के भिवंडी की मैजिस्ट्रेट अदालत में पेशी के लिए पहुंचे। इस दौरान उनके साथ अशोक चव्हाण सहित कांग्रेस के कई बड़े नेता भी शामिल रहे।

बता दें कि 2014 में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल ने महात्मा गांधी की हत्या के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को जिम्मेदार ठहराया था, जिसके बाद आरएसएस के एक स्थानीय पदाधिकारी राजेश कुंटे ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।


हमारे सहयोगी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ के मुताबिक मामले में राहुल के अधिवक्ता ने उनके बयान के समर्थन में राहुल से पुख्ता दस्तावेज भी मांगे हैं जो कोर्ट में उनकी बात को साबित कर सके।

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