मौसमी फल होने की वजह से गर्मी के मौसम में बाजारों में हर जगह आपको तरबूज आसानी से मिल जाता है। खुद को हाइड्रेटेड और तरोताजा रखने के लिए रोज एक तरबूज खाना काफी फायदेमंद है। तरबूज न केवल हेल्दी होता है बल्कि इससे शरीर में पानी की कमी भी दूर होती है। तरबूज के सेवन से आपको तुरंत एनर्जी मिलती है, इसलिए गर्मियों में तरबूज जरूर खाएं। एनर्जी देने के अलावा भी तरबूज हमारे लिए कई तरह से फायदेमंद है...

त्वचा की रौनक रखे बरकरार
तरबूज में हाई लाइकोपीन होता है जो आपकी त्वचा की चमक को बनाए रखता है।

वजन कम करने में मददगार
अगर आप वजन कम करना चाहते हों तो तरबूज से बेहतर ऑप्शन कुछ और नहीं हो सकता है क्योंकि इसमें फाइबर और पानी की मात्रा सबसे ज्यादा होती है और कैलरी बिलकुल नहीं होती।

दिल को रखे दुरुस्त
दिल के मामले में भी तरबूज एक औषधी की तरह काम करता है। इससे आपका हार्ट कई रोगों से दूर रहता है। साथ-साथ आपकी किडनी भी हेल्दी बनी रहती है। तरबूज के सेवन से आपका बीपी भी कंट्रोल में रहता है।

डायबीटीज के मरीज भी खाएं
तरबूज में शूगर न के बराबर होती है इसलिए शूगर के मरीज भी बेफिक्र होकर तरबूज खा सकते हैं।

विटमिन सी और ए से भरपूर
तरबूज में विटमिन-सी और ए काफी तादाद में पाया जाता है। विटमिन-सी हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक प्रणाली को मजबूत बनाता है, फ्लू होने से भी बचाता है और स्किन भी हेल्दी रहती है। तरबूज में आयरन, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जिंक, कैल्शियम, आयोडीन और पोटैशियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं जो हड्डियों और दांतों के लिए लाभकारी माने गए हैं।

ऐसे पता करें तरबूज मीठा है या नहीं
- सबसे पहले आप ध्यान दें कि आप जो तरबूज खरीद रहे हैं, उसपर पीले रंग का धब्बा है या नहीं। अगर ये पीला रंग थोड़ा गहरा है तो आप समझ जाएं कि ये अंदर से काफी मीठा होगा लेकिन अगर रंग हल्का फीका है तो इसका मतलब है कि तरबूज अंदर से मीठा नहीं है।

- अगर तरबूज अपने साइज के हिसाब से भारी है तो इसका मतलब है कि वो मीठा है। तरबूज को उंगलियों से ठोककर देखें अगर वो अंदर से आवाज करता है तो तरबूज पका हुआ होता है लेकिन वहीं अगर आवाज कम आती है तो इसका मतलब है कि तरबूज पका हुआ नहीं है।

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