शहडोल
प्रदेश सरकार प्रदेश से गरीबी हटाने के लिए संकल्पबद्ध है, इसमें जाति, धर्म व वर्ग का भेदभाव नहीं होगा। इसके लिए प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना प्रारंभ करने जा रही है। यह घोषणा प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह ने आज शहडोल संभाग के सोहागपुर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत में आयोजित संभाग स्तरीय तेन्दूपत्ता संग्राहक एवं असंगठित श्रमिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। कार्यक्रम में संभाग के तीनों जिलों से तेन्दूपत्ता संग्राहक एवं असंगठित श्रमिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीबी, जाति, धर्म या वर्ग को देखकर नहीं आती। समाज का कोई भी व्यक्ति गरीब हो सकता है, प्रदेश सरकार ने इन गरीबों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का निर्णय ले लिया है। अब समाज के कुलीन वर्ग से प्राप्त टैक्स का उपयोग इन गरीबों के कल्याण में खर्च किया जायेगा जिससे गरीब बेबस नहीं रहे। मुख्यमंत्री ने जनकल्याण योजना की घोषणा करते हुये कहा कि इस योजना से ऐसे परिवार जो आयकर दाता नहीं है, जिनके पास 2.5 एकड़ से कम जमीन है, सरकारी नौकरी में नहीं है को लाभान्वित किया जायेगा। जिनके पास रहने के लिये जमीन नहीं है वे झोपड़ पट्टी में रहते हैं उन्हें जमीन का पट्टा दिया जायेगा, जो आदिवासी परिवार वर्ष 2006 से पहले वन भूमि में काबिज है उन्हें वनाधिकार पट्टा दिया जायेगा। इतना ही नहीं 4 वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी गरीब परिवारों का पक्का मकान होगा, उन्हें इसके लिये अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण बेटा-बेटियों की पढ़ाई बाधित नहीं हो, इसके लिये कक्षा पहली से कॉलेज तक की पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी। गरीबों की नि:शुल्क चिकित्सा व्यवस्था होगी चाहे उनका इलाज निजी अस्पतालों में ही क्यो न हो। माताओं के कोख भरने पर 6 से 9 माह के बीच के समय में 4 हजार रूपये की आर्थिक सहायता तथा शिशु के जन्म लेने के बाद 12 हजार रूपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। गरीबों को बिजली के बिल से मुक्ति दिलाने हेतु सरकार ने 200 रूपये प्रतिमाह निश्चित बिजली बिल लेने का निर्णय लिया है, जिसमें वह परिवार बिजली का बल्ब, पंखा तथा टीवी देख सकता है। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा उनकी आर्थिक उन्नति हेतु आजीविका मिशन के माध्यम से आय बढ़ाने के प्रयास किये जाएंगे। परिवार मे 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति की मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये की आर्थिक सहायता, दुर्घटना से मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये की आर्थिक मदद तथा स्थाई रूप से दिव्यांग होने पर 2 लाख रूपये की मदद, अस्थाई रूप से दिव्यांग होने पर 1 लाख रूपये की मदद एवं अंतिम संस्कार हेतु 5 हजार रूपये की मदद दी जायेगी। पंजीयन हेतु व्यक्ति को संबंधित पंचायत या नगरीय निकाय में आवेदन भरकर देना होगा तथा स्वलिखित घोषणापत्र भी देना होगा। इस योजना का लाभ पहली बार जनपद मुख्यालय में 13 जून से मिलना प्रारंभ हो जायेगा।

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गत वर्ष जब वे उमरिया जिले के भ्रमण में आये थे तो बांधवगढ़ नेशनल पार्क जाते समय तेंदूपत्ता संग्राहकों से मिलने का अवसर मिला, वे नंगे पैर थे, उनके पास पीने के लिये पानी भी नहीं था। तभी निर्णय लिया कि इन गरीबों को चरणपादुका, महिलाओं को धोती तथा पानी की कुप्पी नि:शुल्क प्रदाय की जायेगी। आपने कहा कि बेटी बढ़ेगी तभी जमाना बढ़ेगा। सभी अभिभावक अपनी-अपनी बेटियों को खूब पढ़ायें-लिखायें, उन्हें आगे आने का अवसर दें। प्रदेश सरकार महिलाओं के कल्याण के लिये अनेंकों योजनाएं यथा लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, स्थानीय निकायों में आरक्षण, पुलिस एवं शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश को तेजी से विकास की राह में ले जाने हेतु समाज का सहयोग भी जरूरी है। आपने जनसामान्य से स्वच्छता अभियान, स्कूल चलें हम अभियान, बेटी बचाओ अभियान के संचालन में सरकार के साथ सहभागी बनने का आग्रह किया तथा उपस्थित जनसमुदाय से सभी आपसी सहयोग एवं समन्वय से कार्य करे हुये गरीबी हटाने तथा नये भारत के निर्माण का संकल्प लेने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री जो आज दुनिया के शक्तिशाली नेताओं में शुमार हैं ने पूरे देश को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने हेतु स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला गैस योजना तथा सौभाग्य योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं का संचालन किया है। राष्ट्रीय एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोगी बनकर प्रगति के पथ पर अग्रषित होने की अपील उपस्थित जनता जनार्दन से की।

कार्यक्रम में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुये शहडोल संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री ज्ञान सिंह ने कहा कि प्रदेश के मुखिया ने इस आदिवासी अंचल के विकास के लिये अनेकों सौगातें दी है। जिसमें शहडोल को संभाग का दर्जा, मेडिकल कॉलेज की स्थापना, इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना तथा विश्वविद्यालय की स्थापना आदि शामिल हैं। आपने कहा कि हम सब एकजुट होकर रहेंगे तथा विकास के लिये सहयोग देंगे तो शहडोल संभाग प्रदेश के अग्रणी संभागों में गिना जायेगा। कार्यक्रम में प्रदेश शासन के खनिज एवं उद्योग मंत्री तथा शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेंन्द्र शुक्ल, सांसद श्री ज्ञान सिंह, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह मरावी, राज्य बैगा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रामलाल बैगा, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री महेश कोरी, श्री सुल्तान सिंह शेखावत, विधायक जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र श्रीमती प्रमिला सिंह, मानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुश्री मीना सिंह, विधायक श्री जयसिंह मरावी, श्री रामलाल रौतेल, श्री शिवनारायण सिंह, जि

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