बेंगलुरु 
कर्नाटक में एक तरफ जहां बीजेपी के नेता येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल कर ली है तो वहीं, कांग्रेस और जेडीएस को अब शुक्रवार सुबह सुप्रीम कोर्ट में होनेवाली सुनवाई का इंतजार है। इस बीच, कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया है कि बीएस येदियुरप्पा केवल एक दिन के CM होने जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने गवर्नर पर निशाना साधा। सुरजेवाला ने कहा कि राज्यपाल वजुभाई वाला ने पहले नरेंद्र मोदी के लिए अपनी सीट का बलिदान किया था, एक दिन पहले उन्होंने उनके लिए संविधान और लोकतंत्र की बलि दे दी। उन्होंने बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देकर पहले संविधान का एनकाउंटर किया और आज येदियुरप्पा को सीएम पद की शपथ दिलाकर उन्होंने दूसरा एनकाउंटर किया। इस बीच, कांग्रेस ने विधान सौध (विधान सभा के बाहर) के बाहर प्रदर्शन करने के बाद आगे की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है।  

कांग्रेस को किसी भी तरह से अपने विधायकों को बीजेपी की तरफ जाने से बचाना है। ऐसे में पार्टी विधायकों को वापस बिदाडी स्थित इगलटन रिजॉर्ट लाया गया है। यहीं पर उन्हें लगातार रखा जा रहा है, जिससे बीजेपी के नेता उनतक पहुंच न सकें। इस बीच हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप तेज हो गए हैं। बीजेपी नेता येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री बनने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के नेताओं को विधान सभा के पास महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने देखा गया। यहां कांग्रेस के विधायकों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत, मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी प्रदर्शन किया। 


कुछ देर बाद कांग्रेस के नेताओं के प्रदर्शन में JD(S) के नेता और विधायक भी शामिल हो गए। कर्नाटक में पिछले दो दिनों से सियासी ड्रामा देखने को मिल रहा है। बीजेपी ने भले ही सीएम की कुर्सी हासिल कर ली है पर उसके सामने बहुमत साबित करने की बड़ी चुनौती है। ऐसे में कांग्रेस उसे 112 के जादुई आंकड़े को हासिल करने से हर हाल में रोकना चाहती है। बीजेपी के पास 104 विधायक हैं, एक निर्दलीय ने समर्थन दे दिया है। इस बीच खबर है कांग्रेस के 3 विधायक रिजॉर्ट नहीं पहुंचे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक जेडीएस के विधायकों को शांगरी-ला होटल में रखा गया है। 

'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' देश के लिए कोई नई बात नहीं है। पिछली बार राज्य सभा चुनाव के समय गुजरात कांग्रेस के विधायकों को इसी रिजॉर्ट में लाया गया था। इससे पहले मैसूर जिला पंचायत चुनाव के दौरान बीजेपी और जेडीएस के सदस्यों ने यहां कैंप किया था। 

Source : Agency