जम्मू
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोएबा ने जम्‍मू-कश्‍मीर में रमजान के दौरान केंद्र सरकार के सीजफायर के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. लश्कर ने कहा है कि वह रमजान के दौरान सुरक्षाबलों पर हमले जारी रखेगा. इससे पहले, केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि रमजान के महीने में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन नहीं चलाया जाएगा.

भारत सरकार की इस घोषणा के बाद राज्य में हिंसक घटनाओं में कमी आने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन लश्कर के सीजफायर का प्रस्ताव ठुकराने के बाद ऐसा होना मुश्किल लग रहा है.

भारत सरकार की ओर से कहा गया है कि आतंकियों की ओर से हमला होने की सूरत में सुरक्षाबल जवाबी कार्रवाई कर सकेंगे. बता दें, केंद्र सरकार ने राज्‍य सरकार की मांग पर जम्‍मू-कश्‍मीर में सशर्त सीजफायर का आदेश जारी किया है.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस आदेश की जानकारी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को दी. केंद्र के इस आदेश के मुताबिक, रमजान के महीने में सुरक्षाबल जम्‍मू कश्‍मीर में कोई ऑपरेशन नहीं चलाएंगे. हालांकि, सुरक्षाबलों के पास ये अधिकार है कि किसी भी हमले के दौरान वो जवाबी कार्रवाई कर सकें.

सुरक्षाबल लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर भी कार्रवाई कर सकेंगे. केंद्र सरकार ने लोगों से सहयोग की अपील भी की है ताकि सभी शांतिपूर्वक रमजान मना सकें.

बाता दें, कश्मीर में एक सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ये मांग केंद्र के सामने रखी थी. मुख्यमंत्री ने कहा था कि केंद्र को मध्य मई में रमजान शुरू होने से लेकर अगस्त में अमरनाथ यात्रा संपन्न होने तक एकतरफा संघर्षविराम बनाए रखने पर विचार करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि संघर्षविराम से लोगों को राहत और राज्य में बेहतर माहौल बनाने में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों से हिंसा और खून-खराबे के चक्रव्यूह से राज्य को निजात दिलाने के मिशन से जुड़ने की अपील की थी.

महबूबा मुफ्ती ने आदेश का किया स्‍वागत

सीजफायर के आदेश के बाद महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया कि, 'मैं इस आदेश का स्‍वागत करती हूं. पीएम मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस मामले में व्‍यक्‍तिगत तौर पर ध्‍यान दिया, जिसके लिए उनका धन्‍यवाद. साथ ही सर्वदलीय बैठक में शामिल होने वाली सभी पार्टी और नेताओं का भी धन्‍यवाद.'

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