श्रीनगर 
एक ओर जहां कश्मीर घाटी में रमजान के महीने में केंद्र ने सशर्त सीजफायर की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर बुधवार को आतंकियों द्वारा कश्मीर के अलग-अलग स्थानों पर एक ही दिन में 4 हमलों को अंजाम दिया गया। बुधवार को आतंकियों ने श्रीनगर में दो जबकि दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिले में एक-एक आतंकी वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि शोपियां में हुए आतंकी हमले के बाद यहां सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई है, जिसके बाद इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।  

कश्मीर घाटी में बुधवार को आतंकी हमले की पहली वारदात राजधानी श्रीनगर के रुमीगेट इलाके के पास हुई है, यहां कुछ आतंकियों ने सुरक्षा ड्यूटी में तैनात एक पुलिसकर्मी पर हमला कर उससे उसकी राइफल छीन ली है। वहीं श्रीनगर में दूसरा हमला बुधवार शाम शहर के छाताबल इलाके में हुआ है। छाताबल में हुए हमले में 2 स्थानीय नागरिकों के घायल होने की खबर है, हालांकि अब तक सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया गया है। 

पुलवामा में सेना की पट्रोलिंग टीम पर हमला 
श्रीनगर में हुए हमलों के साथ-साथ दक्षिण कश्मीर के दो जिलों में आतंकियों ने सुरक्षाबलों की पट्रोलिंग टीमों पर हमला किया है। पट्रोलिंग टीम पर हमले की पहली घटना पुलवामा जिले के त्राल में बुधवार सुबह हुई हैं, जहां अज्ञात आतंकियों ने सेना की 42 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों को निशाना बनाया है। त्राल में हुए इस हमले के बाद आतंकी शिकारगढ़ के घने जंगलों की आड़ लेकर भागने में कामयाब हुए हैं, जिसके बाद राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसओजी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने जंगल से सटे तमाम इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया है। 

शोपियां में आतंकी हमले के बाद मुठभेड़ 
दक्षिण कश्मीर में आतंकी हमले की दूसरी वारदात शोपियां जिले में हुई है। बताया जा रहा है कि शोपियां के जामानगरी इलाके में आतंकियों ने सेना की एक पट्रोलिंग टीम पर फायरिंग की है, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए सुरक्षाबलों ने इनकी घेराबंदी कर ली है। सेना की इस घेराबंदी के बाद से ही इस इलाके में मुठभेड़ जारी है, जिसे देखते हुए एसओजी और सीआरपीएफ के तमाम जवानों को भी यहां सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया गया है। 


केंद्र ने की है सशर्त सीजफायर की घोषणा 
बता दें कि बुधवार को ही केंद्र सरकार ने कश्मीर में रमजान के महीने के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सशर्त सीजफायर की घोषणा की थी। हालांकि अपने इस फैसले में सरकार ने यह भी कहा था कि भले ही जवानों को कोई नया ऑपरेशन शुरू ना करने के लिए कहा गया हो, लेकिन अगर उन पर कोई हमला किया जाता है तो वह इसका जवाब देने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। 

Source : Agency