रायपुर 

राज्य के तेंदूपत्ता संग्राहकों को इस वर्ष से 2500 रूपए से प्रति मानक बोरा की दर से पारिश्रमिक मिलेगा। इस वर्ष 16.72 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण अनुमानित है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज व्यापार एवं विकास सहकारी फेडरेशन द्वारा राज्य कीे 916 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण किया जाता है। इससे हर साल गर्मियों में साढे़ 13 लाख से अधिक वनवासी परिवारों को मौसमी रोजगार मिलता है। राज्य सरकार द्वारा संग्रहण दर में निरन्तर वृद्धि किए जाने के फलस्वरूप संग्राहकों को बेहतर आय प्राप्त हो रही है। वर्ष 2015 में संग्राहकों को 1200 रूपए की दर से पारिश्रमिक भुगतान किया जाता था, जिसे बढ़ाकर वर्ष 2016 में 1500 किया गया। वर्तमान में यह दर 1000 रूपए बढ़ा दिया गया है। गत वर्ष राज्य के संग्राहकों को 307.80 करोड़ रूपए का पारिश्रमिक भुगतान किया गया था। वर्ष 2008 के पूर्व तेंदूपत्ता के व्यापार में अर्जित लाभ का 70 प्रतिशत राशि बोनस के रूप में संग्राहकों को दिया जाता था, लेकिन अब 80 प्रतिशत राशि दी जा रही है। जिससे संग्राहकों को अधिक लाभ मिलने लगा था। वर्ष 2003 में जहां 33.18 करोड़ रूपए का बोनस वितरण किया गया। वहीं वर्ष 2016 में 274.54 करोड़ का बोनस दिया गया। तेंदूपत्ता संग्राहकों को होने वाली कठिनाईयों को देखते हुए उन्हें वर्ष 2006-2007 से चरण पादुका का वितरण किया जा रहा है। वर्ष 2016-2017 तक 136.98 लाख जोडे़ चरण पादुका दिए जा चुके हैं। 
    तेंदूपत्ता संग्राहकों के साथ-साथ परिवार के सदस्यों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न बीमा योजनाएं संचालित है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 12 लाख 30 हजार से अधिक संग्राहक परिवारों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमित किया गया है। जिसमें आकस्मिक मौत या पूर्ण विकलांगता पर 2 लाख और आंशिक अक्षमता पर एक लाख रूपए बीमा राशि मिलेगा। संग्राहकों के परिवार के सदस्य जो 18 वर्ष से 59 वर्ष के हैं उनका समुह बीमा किया जाता है। इसमें सामान्य मौत पर 3500 रूपए आंशिक विकलांगता पर 12500 रूपए और दुर्घटना पर मौत या स्थाई अक्षमता पर 25000 रूपए नामित व्यक्ति को मिलते हैं। इस योजना में विगत 7 वर्षो में 18238 बीमा क्लेम पर 10.12 करोड़ का दावा भुगतान किया गया। परिवार के मुखिया के लिए जनश्री बीमा योजना संचालित है। जिसमें मुखिया के सामान्य मौत पर नामित व्यक्ति को 30 हजार रूपए, आंशिक विकलांग होने पर 37500 रूपए और दुर्घटना में मृत्यु, स्थाई विकलांग होने पर 75000 रूपए दिए जाते है। साथ ही उनके परिवार के दो बच्चों को जो 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत हैं या आई.टी.आई. में पढ़ रहे हैं तो उन्हें 600 रूपए अर्ध वार्षिक छात्रवृत्ति देकर पढ़ाई में मदद की जाती है। विगत 7 वर्षो में 32504 बीमा क्लेम पर 82.91 करोड़ रूपए का दावा भुगतान तथा बीमित संग्राहक के 4,84,303 बच्चों को 58.06 करोड़ रूपए की छात्रवृत्ति दी गई। संग्राहकों को अटल समूह बीमा योजना का भी लाभ दिया जाता है। संग्राहक के परिवार में किसी भी सदस्य के मौत पर नामित व्यक्ति को 6500 रूपए दावा भुगतान किया जाता है। योजना से विगत 6 वर्षो में 9890 बीमा क्लेम का 5.74 करोड़ रूपए का दावा भुगतान किया गया है। 

Source : Agency