बेंगलुरु

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कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के नतीजे तो आ गए हैं, लेकिन अभी तक सरकार को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई है. कांग्रेस-जेडीएस लगातार बहुमत का दावा कर रही है, वहीं बीजेपी कह रही है कि वह सबसे पार्टी है. सभी की नज़रें अब राजभवन पर टिकी हैं.

कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं ने राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात की. जेडीएस और कांग्रेस ने राज्यपाल को 117 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा है. इसमें 78 कांग्रेस, 37 जेडीएस, एक बसपा और एक निर्दलीय विधायक के हस्ताक्षर हैं. आपको बता दें कि कर्नाटक में 222 सीटों पर मतदान हुआ था, इस हिसाब से बहुमत के लिए 112 विधायकों का समर्थन ही चाहिए. जबकि बीजेपी के पास सिर्फ 104 विधायक हैं.

बड़े अपडेट्स -

08.32 PM: येदियुरप्‍पा को 21 मई तक बहुमत साबित करने का समय मिला.

08.31 PM: कल येदियुरप्‍पा लेंगे CM पद की शपथ, मोदी-शाह नहीं रहेंगे मौजूद.

08.30 PM: कर्नाटक में बीजेपी को सरकार बनाने का न्‍योता मिला.

08.10 PM: बीजेपी नेता जेपी नड्डा बेंगलुरु में पार्टी दफ्तर पहुंचे.

08.10 PM: बीजेपी विधायक सुरेश कुमार का ट्वीट, कल सुबह 9.30 बदे येदियुरप्पा लेंगे सीएम पद की शपथ. उन्होंने आम लोगों को भी इस मौके पर मौजूद रहने को कहा है. सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है बीजेपी.

08.05 PM: अशोक गहलोत का दावा, सभी कांग्रेसी विधायक साथ. सिद्धारमैया और गहलोत भी विधायकों के साथ रिजॉर्ट में गए.

08.02 PM: कुछ देर में कर्नाटक बीजेपी कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे पार्टी नेता. कांग्रेस भी अपने मुख्यालय पर करेगी प्रेस कॉन्फ्रेंस, पी. चिदंबरम, रणदीप सुरजेवाला और विवेक तन्खा करेंगे संबोधित.

बुधवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पार्टी के 4 विधायक नहीं पहुंचे. इसके अलावा जेडीएस के दो विधायक भी अपनी पार्टी की बैठक से गायब रहे. इन विधायकों के बीजेपी के संपर्क में होने की भी बात कही जा रही है. इसके साथ ही एक निर्दलीय विधायक ने भी बीजेपी को समर्थन दिया है.

वहीं, कुमारस्वामी ने दो विधानसभा सीटों से विजय हासिल की है. लिहाजा बीजेपी राज्यपाल के जरिए दबाव बनाएगी कि कुमारस्वामी विश्वास मत से पहले दो में से एक सीट से इस्तीफा दें. बीजेपी चाहती है कि कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला सबसे बड़ी पार्टी यानी बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता और विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए वक्त दें.

विधानसभा में विश्वास मत के दौरान कांग्रेस और जेडीएस के कम से कम 15 विधायकों को गैर हाजिर रखने की प्लानिंग है. इससे सदन में संख्या बल 222 से घटकर 207 हो जाएगा. इसके बाद बीजेपी अपने 104 विधायकों के दम पर आसानी से बहुमत साबित कर लेगी. बहुमत का जादुई आंकड़ा 112 से घटकर 104 पर आ जाएगा.

इतना ही नहीं, बीजेपी की कोशिश लिंगायत सम्मान को भी मुद्दा बनाने की है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी कांग्रेस के लिंगायत विधायकों के संपर्क में हैं. इसके लिए पार्टी लिंगायत मठों से संपर्क साध रही है, जिससे लिंगायत समुदाय के विधायक येदियुरप्पा के संपर्क में आ जाएं. इस बार कांग्रेस के 21 और जेडीएस के 10 विधायक लिंगायत समुदाय से हैं.

Source : Agency