न्यूयॉर्क
अमरीका में लाखों डॉलर के क्रिप्टो करंसी घोटाले  में भारतीय मूल का एक व्यक्ति  दोषी पाया गया है। आरोपित  भारतीय युवक शोहराब शर्मा  (27) पर स्टार्ट-अप कंपनी के नाम पर दो अन्य सह-संस्थापकों के साथ मिलकर निवेशकों से लाखों डालर उगाहने का आरोप  है। अधिकारियों ने उनके पास से 6 करोड़ अमरीकी डालर की डिजीटल मुद्रा जब्त की है। घोटाले में शामिल स्टार्ट अप कंपनी सेंट्रा टेक में शोहराब शर्मा के साथ रेमंड ट्रपानी और रॉबर्ट फर्कस सह संस्थापक थे।

न्यूयॉर्क की एक कोर्ट में जूरी ने आरोपितों पर अपनी कंपनी पर लाखों डॉलर के डिजीटल फंड का निवेश कराने, डिजीटल मुद्रा का टोकन जारी करने और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का दोषी ठहराया। अमरीका के अटॉर्नी रॉबर्ट खुजामी ने बताया कि पिछले महीने 3 लोगों को क्रिप्टो करंसी के जरिए पैसे उगाहने की आपराधिक शिकायतों के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।

घोटाले के दोषी तीनों युवक शर्मा, ट्रपानी और फर्कस फ्लोरिडा के रहने वाले हैं। घोटाले और साजिश समेत चार मामलों में दोषी करार देने के बाद तीनों को 65 साल जेल की सजा काटनी पड़ सकती है। आरोपों के मुताबिक, जुलाई 2017 में तीनों युवकों ने सेंट्रा टेक कंपनी के जरिये निवेशकों को फंसाया। बैंककॉर्प, वीजा और मास्टरकार्ड के साथ साझेदारी का झांसा दिखाकर डिजीटल टोकन दिया और निवेशकों से धन उगाही की। इस तरह अक्टूबर 2017 तक 2.5 करोड़ डालर से अधिक का डिजीटल फंड जुटाया गया। ये डिजीटल फंड वर्तमान में 6 करोड़ अमरीकी डालर से अधिक हैं। दोषी करार दिए गए तीनों युवकों पर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने भी अलग से कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया है।

Source : Agency