नई दिल्ली
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाषा पर आपत्ति जताई है. कर्नाटक चुनाव प्रचार में PM मोदी के द्वारा कांग्रेस को 'लेने के देने पड़ जाएंगे' वाले बयान पर कांग्रेस ने घोर आपत्ति जताई है. चिट्ठी में साफ लिखा है कि प्रधानमंत्री कांग्रेस को धमकाने का काम कर रहे हैं.

सोमवार को कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति को लिखे इस खत में PM मोदी के हुबली में दिए गए भाषण पर आपत्ति जताई है. चिट्ठी में कहा गया है कि देश के प्रधानमंत्री को किसी के खिलाफ इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इस खत में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत अन्य बड़े कांग्रेस नेताओं के दस्तखत हैं.

 

क्या कहा था PM मोदी ने?

दरअसल, कर्नाटक में चुनाव प्रचार करते हुए 6 मई को हुबली में प्रधानमंत्री ने ये बयान दिया था. BJP के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने को लेकर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए मोदी ने उसे नेशनल हेराल्ड मामले की याद दिलाई, जिसमें मां-बेटे (सोनिया गांधी और राहुल) घोटाला के आरोपों का सामना कर रहे हैं और जमानत पर हैं.

उन्होंने कहा था, 'ऐसी पार्टी जिसके प्रमुख जमानत पर हैं, क्या वह हमसे सवाल पूछ रही है.' उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा ने अदालतों का सामना किया है. पीएम ने कहा, 'कांग्रेस के नेता कान खोलकर सुन लीजिए, अगर सीमाओं को पार करोगे तो ये मोदी है लेने के देने पड़ जाएंगे.'

आपको बता दें कि कर्नाटक चुनाव के नतीजे आने में 24 घंटे से भी कम का समय बचा है. मंगलवार को कर्नाटक की 222 सीटों के नतीजे सभी के सामने होंगे और ये तय हो जाएगा कि आखिर कर्नाटक में किसका राज होगा.

नतीजों से पहले आए कई चैनलों के एग्ज़िट पोल में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना जताई है. करीब 8 चैनलों में से 6 के एग्ज़िट पोल ने बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी बताया है, जबकि दो ने कांग्रेस की बड़ी पार्टी के रूप में बताया है.

 

Source : Agency