नई दिल्ली 
सीबीएसई पेपर लीक केस में ‘लव ऐंगल’ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हिमाचल प्रदेश के ऊना स्थित डीएवी स्कूल का टीचर राकेश कुमार 12वीं क्लास में पढ़ने वाली अपनी ‘खास स्टूडेंट’ को टॉप कराना चाहता था, इसलिए वह बैंक से इकनॉमिक्स का क्वेश्चन पेपर पांच दिन पहले ही लेकर आ गया था।
 
पुलिस अफसरों ने बताया कि वह 12वीं की इस स्टूडेंट को ‘लव’ करता था और इसलिए उसने उसे सभी क्वेश्चन पेपर मुहैया कराए थे। हालांकि इकनॉमिक्स के अलावा कोई भी पेपर बाहर नहीं आ पाया था, क्योंकि बैंक से निकाले गए क्वेश्चन पेपर राकेश ने सिर्फ अपनी पसंदीदा छात्रा को ही दिए थे लेकिन इकनॉमिक्स का पेपर उसने फिरोजपुर पंजाब में रहने वाली अपनी भाभी अंजू बाला को भी भेज दिया, जो काउंसलिंग सेंटर चलाती हैं और 12वीं के स्टूडेंट्स की करियर काउंसलिंग करती हैं। अंजू ने राकेश को किसी स्कूल में प्रिंसिपल बनाने का लालच दिया था। इसी लालच में उसने अपनी स्टूडेंट के अलावा अंजू को भी पेपर वॉट्सऐप कर दिया। इसके बाद यही पेपर फिरोजपुर से पंचकूला होते हुए दिल्ली तक पहुंच गया था। 

 
क्राइम ब्रांच के सीनियर अफसर ने बताया कि अंजू बाला ने पंचकूला में रहने वाली अपनी बहन मीनू को पेपर वॉट्सऐप पर भेजा। मीनू ने दिल्ली के पश्चिम विहार में रहने वाले अपने जीजा अजय को भेजा, जिसने लॉरेंस रोड निवासी अपनी बहन पूजा को भेज दिया। पूजा ने मॉडल टाउन में रहने वाले अपने करीबी दोस्त को भेजा। 

पुलिस जब पूजा के घर पहुंची थी तो उसने गुमराह करने की कोशिश की। अगली सुबह पूजा को पति के साथ दिल्ली से बाहर जाना था और उनकी फ्लाइट की टिकट आदि बुक थे। पुलिस टीम ने जब सख्ती बरतते हुए क्राइम ब्रांच के ऑफिस ले जाकर पूछताछ करने की धमकी दी तो उसने अपने भाई अजय का नाम बताया था। फिर पुलिस अजय और मीनू से पूछताछ करती हुई अंजू बाला तक पहुंच सकी थी। 

Source : Agency