संयुक्त राष्ट्र 
संयुक्त राष्ट्र में महत्वपूर्ण गैर सरकारी संगठन समिति के लिए हुए चुनाव में सर्वाधिक वोट पाकर भारत को जीत मिली है। अन्य अनुषंगी निकायों (अदर सब्सिडियरी बॉडी) के लिए हुए पांच अलग-अलग चुनाव में भी भारत को आम सहमति से चुना गया। संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) ने सोमवार को अपने कुछ सब्सिडियरी बॉडी के लिए चुनाव का आयोजन किया था।

ईसीओएसओसी सतत विकास के तीन आयामों (आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरण) के लिए काम करता है। चुनाव के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने, ‘परिणामों ने एक बार फिर दर्शाया है कि संयुक्त राष्ट्र सदस्यों के बीच भारत के कई मित्र हैं और उसे यहां व्यापक समर्थन हासिल है।’ 

कमिटी ऑन नॉन गवर्मेंटल ऑर्गेनाइजेशन्स के चुनाव में भारत शीर्ष पर रहा। गुप्त मतदान के एक राउंड में परिषद ने एशिया प्रशांत राज्यों की श्रेणी में बहरीन,चीन, भारत और पाकिस्तान को और लातिन अमेरिकी और कैरिबियाई राज्यों की श्रेणी में ब्राजील, क्यूबा, मेक्सिको तथा निकारागुआ को एक जनवरी 2019 से प्रारंभ हो रहे चार साल के कार्यकाल के लिए चुना। 

भारत को सर्वाधिक 46 मत मिले। उसके बाद पाकिस्तान को 43, बहरीन को 40 और चीन को 39 मत मिले जबकि ईरान 27 मतों के साथ चुनाव हार गया। परिषद ने चार साल के कार्यकाल के लिए 11 अन्य राष्ट्रों को आम सहमति से चुना। कमिशन ऑन पॉपुलेशन ऐंड डिवेलपमेंट के लिए भी भारत 16 अप्रैल 2018 से शुरू हो रहे कार्यकाल के लिए आम सहमति से चुना गया। 

कमिशन फॉर सोशल डिवेलपमेंट के लिए परिषद ने भारत और कुवैत (एशिया-प्रशांत राज्य) को आम सहमति से चुना। कमिशन ऑन क्राइम प्रिवेंशन ऐंड क्रिमिनल जस्टिस के लिए आम सहमति से चुने गए 17 सदस्यों में भारत भी शामिल है। उनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा और यह एक जनवरी 2019 से शुरू होगा। 

कमिशन के अन्य सदस्य अल्जीरिया, बुरकिना फासो, नाइजीरिया, स्विट्जरलैंड, इराक, ईरान, कुवैत, थाईलैंड, बेलारूस, ब्राजील, क्यूबा, मेक्सिको, ऑस्ट्रिया, फ्रांस, तुर्की तथा अमेरिका हैं। एग्जिक्यूटिव बोर्ड ऑफ दी यूनाईटेड नेशन्स डिवेलपमेंट प्रोग्राम , यूनाइटेड नेशन्स पॉपुलेशन फंड , यूनाइटेड नेशन्स ऑफिस फॉर प्रोजेक्ट सर्विसेस के लिए परिषद ने जिन 14 राष्ट्रों का चयन किया है उनमें भारत भी शामिल है। परिषद ने दी यूनाइटेड नेशन्स एन्टिटी फॉर जेंडर इक्विलिटी ऐंड एम्पॉवरमेंट ऑफ वुमन के एग्जिक्यूटिव बोर्ड के लिए भारत समेत 16 सदस्यों को तीन साल के कार्यकाल के लिए आम सहमति से चुना। 

Source : Agency