स्टॉकहोम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज स्वीडन के राजा कार्ल XVI गुस्ताफ से मिले और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने को लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया। मोदी सोमवार को स्वीडन की राजधानी पहुंचे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यूरोपीय देश का पिछले 30 सालों में पहला द्विपक्षीय दौरा है। स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन ने हवाई अड्डे पर मोदी की अगवानी की। दोनों नेता हवाई अड्डे से होटल एक ही वाहन में गए। मोदी लोफवेन और चार दूसरे नोर्डिक देशों (डेनमार्क , फिनलैंड, आइसलैंड एवं नॉर्वे) के नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

मोदी की 10 घंटे में 10 बैठकें
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्विटर पर लिखा , ‘‘10 घंटे में 10 बैठक- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टॉकहोम में व्यस्त दिन की शुरूआत हुई। वह स्वीडिश प्रधानमंत्री और चार दूसरे नोर्डिक देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, स्वीडिश कंपनियों के सीईओ के साथ गोलमेज बैठक करेंगे, विपक्ष के नेता से मिलेंगे, भारत-नोर्डिक शिखर सम्मेलन एवं भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।’’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘दिन की शाही शुरुआत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडनप के महामहिम राजा कार्ल 16 गुस्ताफ से मिले। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने को लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया।’’ 
 
 
5 दिन की विदेश यात्रा पर मोदी
मोदी पांच दिन की अपनी विदेश यात्रा के पहले चरण के तहत स्वीडन में हैं। वह इसके बाद ब्रिटेन भी जाएंगे जहां वह राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्ष बैठक ( चोगम ) में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री अपनी ब्रिटिश समकक्ष टेरीजा मे के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।  इससे पहले मोदी ने विदेश दौर से ठीक पहले नई दिल्ली में कहा था कि वह व्यापार , निवेश एवं स्वच्छ ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों (स्वीडन और ब्रिटेन) के साथ द्विपक्षीय संबंध गहराने के लिए उत्साहित हैं। भारत और स्वीडन कल स्टॉकहोम में भारत- नोर्डिक शिखर सम्मेलन का संयुक्त आयोजन भी करेंगे। सम्मेलन में फिनलैंड , नॉर्वे, डेनमार्क और आइसलैंड के प्रधानमंत्री भी हिस्सा लेंगे। इसके बाद मोदी ब्रिटेन के लिए रवाना हो जाएंगे। प्रधानमंत्री भारत लौटते समय 20 अप्रैल को जर्मनी के बर्लिन में थोड़ी देर के लिए रूकेंगे।

Source : Agency