कोलकाता
 भारती एयरटेल ने वित्त वर्ष 2019 में 24,000 करोड़ रुपए के कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्लान बनाया है। कंपनी ग्राहकों को कॉम्पिटीटिव टैरिफ प्लान ऑफर करेगी और डिस्ट्रीब्यूटर्स को इंसेंटिव देगी। कंपनी की नजर वोडाफोन और आइडिया के मर्जर के दौरान इनसे छुटने वाले ग्राहकों पर है।

एयरटेल के अंदरूनी सूत्र ने बताया कि कंपनी रेवेन्यू मार्केट शेयर (RMS) के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सेक्टर में हो रहे कंसॉलिडेशन के बीच इस मोर्चे पर जियो को कड़ी टक्कर देने के लिए एयरटेल रियायती रेट ऑफर करती रहेगी। सूत्र की इस बात से पता चलता है कि कंपनी RMS बढ़ाने के लिए शॉर्ट टर्म में प्रॉफिट मार्जिन से समझौता करने से परहेज नहीं करेगी। 

इंडस्ट्री रेगुलेटर के हालिया डेटा के मुताबिक एयरटेल का रेवेन्यू मार्केट शेयर 31 फीसदी से थोड़ा ज्यादा है। इसके मुकाबले वोडाफोन और आइडिया के मर्जर से बनने वाली कंपनी का आरएमएस लगभग 37.5 फीसदी होगा जबकि रिलायंस जियो के लिए यह आंकड़ा 14.5 फीसदी है। 

एयरटेल वित्त वर्ष 2019 में 24,000 करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर कर सकती है जो हाल में खत्म वित्त वर्ष में हुए 16,000 करोड़ रुपए के खर्च का डेढ़ गुना है। एक सूत्र ने कहा कि कंपनी ज्यादा कमाई कराने वाले डेटा ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने के लिए अपने 4जी नेटवर्क को मजबूत बनाने, डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देने और कंटेंट पर फोकस बढ़ाने पर खर्च कर सकती है। 

Source : Agency