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ऐसा लगता है कि चीन बहुत जल्द एक भयंकर वित्तीय संकट से जूझने वाला है और देश में आर्थिक मंदी छाने वाली है। जिंग रॉन्ग जाइ (फाइनैंशल वर्ल्ड) नाम की वेबसाइट पर छपे एक आर्टिकल के मुताबिक, पेइचिंग अपने सकल घरेलू उत्पाद का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ कर्ज का ब्याज चुकाने में खर्च कर रहा है।

चाइनास्कोप.ओआरजी वेबसाइट द्वारा रिपोर्टेड इस खबर के मुताबिक, चीन कर्ज का ब्याज चुकाने में जीडीपी का 15 से 16 प्रतिशत हिस्सा खर्च करता है। चाइना के चेंगशिन क्रेडिट मैनेजमेंट कंपनी के चेयरमैन को कोट करते हुए वेबसाइट ने लिखा कि भले ही चीन साल 2008 में आई वैश्विक आर्थिक मंदी के समय आर्थिक शक्ति बनकर सामने आया हो लेकिन उस दौरान उसने दुनिया में सबसे ज्यादा नोटों की छपाई का काम भी किया। जिससे अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा। 

फाइनैंशल वर्ल्ड के मुताबिक, चीन के अधिकांश बिजनस बड़ी मात्रा में लिए लोन से जूझ रहे हैं। इतना ही नहीं रिपोर्ट में यह भी लिखा गया है कि ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करने की वजह से चीन में एक ऐसी व्यापार स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें मांग से ज्यादा आपूर्ति हो रही है। 

रिपोर्ट के आखिर में चेतावनी भरे अंदाज में लिखा है कि चीन ने खुद एक ऐसी आर्थिक स्थिति पैदा की है जो उसे वित्तीय संकट की तरफ ले जा सकता है। 

Source : Agency